Punjab News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संभावित जालंधर दौरे से ठीक एक दिन पहले पंजाब की राजनीति में भारी हलचल मच गई है। जालंधर शहर के अति व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले रेडक्रॉस भवन की दीवारों पर अचानक भारत विरोधी और अलगाववादी नारे लिखे मिलने से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। दीवारों पर ‘भाजपा भगाओ’ और ‘पंजाब दा हल खालिस्तान’ जैसे आपत्तिजनक संदेश लिखे जाने के बाद पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने गृह मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खुफिया तंत्र को और अधिक सतर्क कर दिया है।
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दीवारों को तुरंत साफ किया गया, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दीवारों पर लिखे गए सभी अलगाववादी नारों को तुरंत मिटा दिया है ताकि किसी प्रकार का तनाव न फैले। डीसीपी आदित्य वारियर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सुबह ही इन नारों के लिखे होने की सूचना प्राप्त हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है। पुलिस आसपास के इलाकों और मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अंधेरे का फायदा उठाकर ये नारे कब और किन असमाजिक तत्वों द्वारा लिखे गए थे।
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ली जिम्मेदारी, लगाए बेबुनियाद आरोप

इस पूरी घटना के पीछे प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) के सरगना और भारत द्वारा घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का हाथ सामने आया है। पन्नू की ओर से एक भड़काऊ वीडियो जारी किया गया है, जिसमें उसने जालंधर की दीवारों पर लिखे गए इन नारों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इस वीडियो में पन्नू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंजाब में चलाई जा रही ‘नशा मुक्ति मुहिम’ पर अनर्गल और निराधार आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कोई पुष्टि नहीं की गई है। वीडियो में पन्नू ने यह भी उल्लेख किया है कि जिस जगह पर ये नारे लिखे गए हैं, वहां पहले भाजपा का कार्यालय हुआ करता था।
रैली स्थल और शहरभर में सुरक्षा एजेंसियां और अधिक अलर्ट

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से ठीक पहले सामने आए इस सनसनीखेज घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे एजेंसियों को चुनौती देने की एक सोची-समझी साजिश के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना के बाद गृह मंत्री के रैली स्थल, आने-जाने वाले मार्गों और पूरे जालंधर शहर के संवेदनशील ठिकानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियां और पंजाब पुलिस आपसी समन्वय के साथ चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उपद्रवियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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