पंजाब राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री जोशी से रखी बड़ी मांगें

दिल्ली/चंडीगढ़. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ के नेतृत्व में पंजाब राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन (PRIA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के चावल मिलिंग उद्योग से जुड़े गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया, विशेष रूप से फोर्टिफाइड राइस कर्नल (ऍफ़आरके) नीति और राज्य में गहरे भंडारण संकट के समाधान पर जोर दिया। PRIA के अध्यक्ष भारत भूषण बिंटा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा FRK नीति पर गहरी चिंता व्यक्त की। एसोसिएशन ने मांग की कि

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Published On :

जनवरी 8, 2026

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दिल्ली/चंडीगढ़.

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ के नेतृत्व में पंजाब राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन (PRIA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के चावल मिलिंग उद्योग से जुड़े गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया, विशेष रूप से फोर्टिफाइड राइस कर्नल (ऍफ़आरके) नीति और राज्य में गहरे भंडारण संकट के समाधान पर जोर दिया।

PRIA के अध्यक्ष भारत भूषण बिंटा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा FRK नीति पर गहरी चिंता व्यक्त की। एसोसिएशन ने मांग की कि कम से कम मौजूदा वर्ष के लिए फोर्टिफाइड चावल की डिलीवरी को स्थगित किया जाए, यह बताते हुए कि केंद्र सरकार के पास पहले से ही देशभर के गोदामों में फोर्टिफाइड चावल का भारी भंडार मौजूद है। बिंटा ने कहा कि यदि एक वर्ष के लिए फोर्टिफाइड चावल की डिलीवरी रोक दी जाती है, तो FRK से जुड़ी जटिलताओं के कारण चावल मिलिंग उद्योग पर जो भारी दबाव बना हुआ है, वह काफी हद तक कम हो जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अतिरिक्त भंडार होने के बावजूद FRK पर लगातार जोर देने से मिलिंग कार्य प्रभावित हुआ है और पंजाब के चावल मिलरों पर अनावश्यक वित्तीय और परिचालन दबाव बढ़ा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से जमीनी वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने और उद्योग को तत्काल राहत देने की अपील की।

चर्चा के दौरान तरुण चुघ ने सुझाव दिया कि एफआरके को जारी रखने के बजाय सरकार को कम पॉलिश किए गए चावल को स्वीकार करने की नीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एफसीआई पंजाब से अत्यधिक पॉलिश किया हुआ चावल स्वीकार कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है। चुघ ने जोर देकर कहा कि यदि कम पॉलिश चावल की नीति अपनाई जाती है, तो चावल की प्राकृतिक गुणवत्ता बनी रहेगी और फोर्टिफिकेशन की आवश्यकता स्वतः समाप्त हो जाएगी। इससे जहां उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों को लाभ होगा, वहीं देश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ भी कम होगा।

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