राष्ट्रपति ने जमशेदपुर में जगन्नाथ आध्यात्मिक केंद्र की रखी नींव

रांची. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को झारखंड के जमशेदपुर स्थित कदमा इलाके में 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चैरिटेबल सेंटर' की नींव रखी। राष्ट्रपति ने पुजारियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि भूमि पूजन किया और इसकी आधारशिला रखी। दिग्गज हस्तियां भी रहीं मौजूद इस मौके पर राष्ट्रपति के साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। इनके अलावा टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इससे पहले, रांची एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री सोरेन और राज्यपाल गंगवार ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत

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Published On :

फ़रवरी 26, 2026

रांची.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को झारखंड के जमशेदपुर स्थित कदमा इलाके में 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चैरिटेबल सेंटर' की नींव रखी। राष्ट्रपति ने पुजारियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि भूमि पूजन किया और इसकी आधारशिला रखी।

दिग्गज हस्तियां भी रहीं मौजूद
इस मौके पर राष्ट्रपति के साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। इनके अलावा टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इससे पहले, रांची एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री सोरेन और राज्यपाल गंगवार ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया।

क्या है परियोजना की खासियत?
श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी और उद्योगपति एस.के. बेहरा ने बताया कि यह प्रस्तावित केंद्र ओडिशा के पुरी में स्थित 12वीं सदी के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर की हूबहू नकल (कॉपी) होगा। इसे खरखाई नदी के किनारे लगभग 2.5 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये है।

युवाओं के विकास पर जोर
इस केंद्र के निर्माण से झारखंड में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य इस केंद्र को युवाओं के चरित्र निर्माण और नैतिक विकास के एक बड़े हब के रूप में विकसित करना है। एस.के. बेहरा के अनुसार, यह केंद्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास (होलिस्टिक पर्सनैलिटी डेवलपमेंट) को बढ़ावा देने का काम करेगा। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है। इस आध्यात्मिक केंद्र के बनने से जमशेदपुर की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी।

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