2026 से 2031 तक चलेगी नई खेलो इंडिया योजना, MP के खिलाड़ियों के लिए खुलेंगे नए अवसर

भोपाल  खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहने वाली नई खेलो इंडिया योजना का कुल बजट 36,441 करोड़ रुपये है, जो पिछली योजना के मुकाबले करीब आठ गुना अधिक है। इसका लाभ पहले की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा

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Published On :

अगस्त 26, 2026

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भोपाल 
खेलो इंडिया योजना के नए चरण में मध्यप्रदेश को खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि वर्ष 2026 से 2031 तक लागू रहने वाली नई खेलो इंडिया योजना का कुल बजट 36,441 करोड़ रुपये है, जो पिछली योजना के मुकाबले करीब आठ गुना अधिक है। इसका लाभ पहले की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जाएगा। भोपाल में स्पोर्ट्स हब विकसित करने की दिशा में काम होगा। प्रदेश में पहले से संचालित 52 खेलो इंडिया सेंटर को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खेल प्रतिभा और क्षमता के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।

स्कूलों से होगी खिलाड़ियों की पहचान
मंत्री ने कहा कि नई योजना में स्कूल स्तर से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान पर जोर रहेगा। इसके लिए एआई और वीडियो आधारित टैलेंट स्काउटिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में अधिक अवसर और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अलग प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के साथ उनकी डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।  

तीन स्तरों पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। इनमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी, स्ट्रेंथनिंग स्ट्रेटजिक स्पोर्ट्स एसेट्स और स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में लागत साझा की जाएगी।  

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ओलंपिक की तैयारी पर फोकस
मंत्री ने कहा कि लक्ष्य केवल खेल सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर देश और प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर करना है। हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी और जरूरत के अनुसार विदेशी कोचों की सेवाएं भी ली जाएंगी। पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को ज्यादा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका देने से उन्हें अनुभव मिलेगा। “देश को हिट करना है तो देश को फिट करना है” के संदेश के साथ समाज, परिवार और अभिभावकों को भी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ड्रग्स के खिलाफ अभियान को भी आगे बढ़ाया जाएगा। 

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