गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान में 12 विभागों की झांकियों में दिखेगा नया बिहार

पटना. गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान सिर्फ परेड का स्थल नहीं, बल्कि बिहार के विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की जीवंत प्रदर्शनी बनेगा। राज्य सरकार के 12 विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, जिससे आम लोग सीधे तौर पर 'नए बिहार' की तस्वीर देख सकेंगे। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव पर फोकस झांकियों में महिला शक्ति को खास तौर पर केंद्र में रखा गया है। महिला बस चालक, जीविका दीदियों की आत्मनिर्भरता, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और नशामुक्त बिहार जैसे विषयों के जरिए सामाजिक बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश होगी। परिवहन,

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Published On :

जनवरी 24, 2026

पटना.

गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान सिर्फ परेड का स्थल नहीं, बल्कि बिहार के विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की जीवंत प्रदर्शनी बनेगा। राज्य सरकार के 12 विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, जिससे आम लोग सीधे तौर पर 'नए बिहार' की तस्वीर देख सकेंगे।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव पर फोकस
झांकियों में महिला शक्ति को खास तौर पर केंद्र में रखा गया है। महिला बस चालक, जीविका दीदियों की आत्मनिर्भरता, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और नशामुक्त बिहार जैसे विषयों के जरिए सामाजिक बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश होगी। परिवहन, जीविका और मद्य निषेध विभाग की झांकियां इसी थीम को मजबूती से उभारेंगी।

संस्कृति से लेकर तकनीक तक का संगम
कला-संस्कृति विभाग परंपरा और संरक्षण की कहानी कहेगा, वहीं ऊर्जा विभाग कजरा सौर ऊर्जा और बैटरी भंडारण परियोजना के जरिए भविष्य की ऊर्जा नीति को दिखाएगा। पर्यटन विभाग की झांकी में मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम की झलक होगी, जो आस्था और पर्यटन विकास का संगम दर्शाएगी।

विकास योजनाओं की सीधी झलक
कृषि, उद्योग, शिक्षा, सहकारिता और अग्निशमन विभाग की झांकियां गांवों की समृद्धि, औद्योगिक विकास, सुरक्षित विद्यालय, विकसित पैक्स और आपदा प्रबंधन जैसी योजनाओं को सामने लाएंगी। हर झांकी एक अलग कहानी कहेगी, लेकिन संदेश एक ही होगा, विकसित बिहार, सशक्त बिहार।

कड़ी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था
पूरे आयोजन की निगरानी के लिए प्रशासनिक टीम 24×7 सक्रिय है। गांधी मैदान में झांकियों के लिए अलग पंडाल तैयार किया जा रहा है और ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं रखी जाएगी। सभी झांकियों की एंटी-सबोटाज जांच और पूर्वाभ्यास अनिवार्य किया गया है। कलाकारों की उम्र को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के साथ-साथ विकास की कहानी भी मंच पर उतरेगी। गांधी मैदान में सजी झांकियां सिर्फ देखने का दृश्य नहीं होंगी, बल्कि बिहार के वर्तमान और भविष्य की झलक बनेंगी- जहां परंपरा, प्रगति और परिवर्तन एक साथ नजर आएंगे।

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