हिंदू किसान की हत्या से पाकिस्तान में उबाल, सड़कों पर उतरा जनाक्रोश

पेशावर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक जमींदार ने अपनी जमीन पर झोपड़ी बनाने के कारण 23 वर्षीय हिंदू किसान की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद हिंदू समुदाय ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। बदीन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कमर रजा जसकानी ने बताया कि पुलिस ने शनिवार रात हैदराबाद से मकान मालिक सरफराज निजामानी और उसके सहयोगी जफरुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया। बदीन जिले के तलहार गांव में आश्रय के लिए निजामानी की जमीन पर एक झोपड़ी बनाने के आरोप में चार जनवरी को कैलाश कोहली को गोली मार दी गई

Wrriten By :

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Published On :

जनवरी 11, 2026

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पेशावर
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक जमींदार ने अपनी जमीन पर झोपड़ी बनाने के कारण 23 वर्षीय हिंदू किसान की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद हिंदू समुदाय ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। बदीन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कमर रजा जसकानी ने बताया कि पुलिस ने शनिवार रात हैदराबाद से मकान मालिक सरफराज निजामानी और उसके सहयोगी जफरुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया। बदीन जिले के तलहार गांव में आश्रय के लिए निजामानी की जमीन पर एक झोपड़ी बनाने के आरोप में चार जनवरी को कैलाश कोहली को गोली मार दी गई थी।
 
जसकानी ने कहा, ‘‘आरोपी के घटनास्थल से फरार होने और भूमिगत हो जाने के बाद इस मामले में एक विशेष टीम का गठन किया गया था लेकिन हमने आखिरकार उसे कल रात हैदराबाद के फतेह चौक इलाके से गिरफ्तार कर लिया।'' कोहली की हत्या के बाद हिंदू समुदाय में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने इसके विरोध में प्रदर्शन किए। निजामानी नहीं चाहता था कि कोहली उसकी जमीन पर झोपड़ी बनाए। गोली लगने से घायल कोहली ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस संबंध में उनके भाई पून कुमार कोहली ने प्राथमिकी दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस टीम का गठन किया गया।
 
सिंध में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए एक कल्याणकारी ट्रस्ट चलाने वाले शिव काची ने कहा, ‘‘हिंदू समुदाय द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से बनाए गए जन दबाव के कारण आरोपी की गिरफ्तारी हुई। बदीन में सैंकड़ों लोग विरोध प्रदर्शनों और धरनों के लिए एकत्रित हुए थे। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जावेद अख्तर ओधो ने कोहली के पिता को फोन करके गिरफ्तारी के बारे में सूचित किया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन खत्म हुए।'' काची ने निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद जताई ताकि हिंदू समुदाय भयानक अपराधों से सुरक्षित रहे और अधिकारियों पर उनका विश्वास बहाल हो सके।

 

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