महाराजा रणजीत सिंह की निशानी खतरे में: दीनानगर बारादरी के अस्तित्व पर संकट, दिल्ली कमेटी ने बुलाई बैठक

दीनानगर.  दीनानगर में शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की ऐतिहासिक शाही बारादरी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में कुछ शरारती तत्वों द्वारा इस प्राचीन इमारत की छत और अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की गई, जिससे सिख समाज और विरासत प्रेमियों में भारी रोष है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के धर्म प्रचार कमेटी (पंजाब) के चेयरमैन मनजीत सिंह भोमा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भू-माफिया और राजनीतिक गठजोड़ का आरोप चेयरमैन भोमा ने बारादरी का दौरा करने के बाद प्रशासन पर

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Published On :

अप्रैल 19, 2026

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दीनानगर. 
दीनानगर में शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की ऐतिहासिक शाही बारादरी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में कुछ शरारती तत्वों द्वारा इस प्राचीन इमारत की छत और अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की गई, जिससे सिख समाज और विरासत प्रेमियों में भारी रोष है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के धर्म प्रचार कमेटी (पंजाब) के चेयरमैन मनजीत सिंह भोमा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

भू-माफिया और राजनीतिक गठजोड़ का आरोप
चेयरमैन भोमा ने बारादरी का दौरा करने के बाद प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा संरक्षित घोषित की गई इस इमारत को नुकसान पहुँचाने के पीछे भू-माफिया और बड़े राजनीतिक चेहरों का हाथ हो सकता है। उन्होंने बताया कि जहाँ लोग धार्मिक स्थलों पर सोना चढ़ाते हैं, वहीं माफिया महाराजा रणजीत सिंह की इस ऐतिहासिक निशानी की ईंटें तक उखाड़ कर ले जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस विनाशकारी कार्य को तुरंत रोका जाए।

विरासत को बचाने के लिए पंथक बैठक का आह्वान
शाही बारादरी के गिरते अस्तित्व को बचाने के लिए अब सिख समुदाय ने संगठित होने का फैसला किया है। इसके तहत आगामी 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे शाही बारादरी परिसर में ही पंथक हितैषियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में इस ऐतिहासिक इमारत के संरक्षण और इसके पुनर्निर्माण के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। भोमा ने कहा कि यह इमारत पहले से ही प्रशासनिक अनदेखी के कारण खंडहर बन चुकी थी, और अब इस पर किए गए हमले असहनीय हैं।

इतिहास की गर्मियों वाली राजधानी का महत्व
दीनानगर की शाही बारादरी का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है। महाराजा रणजीत सिंह अक्सर गर्मियों के महीनों में यहाँ अपना दरबार लगाते थे, जिस कारण इसे 'सरकार खालसा' की गर्मियों वाली राजधानी भी कहा जाता था। यहाँ कई ऐतिहासिक संधियाँ हुईं और सैन्य योजनाएं बनाई गईं। साल 2010 में सरकार ने इसे संरक्षित इमारत का दर्जा दिया था और इसके जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों का टेंडर भी जारी हुआ था, लेकिन धरातल पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय निवासियों और विरासत मंच के सदस्यों ने सरकार से इस ऐतिहासिक गौरव को संरक्षित करने की अपील की है।

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