मध्यप्रदेश सरकार की 900 करोड़ की परियोजना, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, दो जिले में बनेंगे बांध

भोपाल  रायसेन में दो और राजगढ़ में एक नया बांध बनाया जाएगा। इन पर 898.42 करोड़ रुपए खर्च आएगा। इनके बनने से 18 हजार 420 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। 20 हजार 300 किसान परिवारों को लाभ होगा। सिंहस्थ से पहले 1133 करोड़ के खर्च से पीने के पानी की व्यवस्था वहीं सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में पीने के पानी की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 1133.76 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पानी से जुड़ी इन चार बड़ी परियोजनाओं को मोहन सरकार ने मंजूरी दे दी है। हर खेत तक पहुंचाएंगे पानी रायसेन व राजगढ़ में तीन

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Published On :

जनवरी 15, 2026

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भोपाल 

रायसेन में दो और राजगढ़ में एक नया बांध बनाया जाएगा। इन पर 898.42 करोड़ रुपए खर्च आएगा। इनके बनने से 18 हजार 420 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। 20 हजार 300 किसान परिवारों को लाभ होगा।

सिंहस्थ से पहले 1133 करोड़ के खर्च से पीने के पानी की व्यवस्था

वहीं सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में पीने के पानी की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 1133.76 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पानी से जुड़ी इन चार बड़ी परियोजनाओं को मोहन सरकार ने मंजूरी दे दी है।

हर खेत तक पहुंचाएंगे पानी

रायसेन व राजगढ़ में तीन बांध बनाए जाने से खुश सारंगपुर, भोजपुर और उदयपुरा के किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर उनका आभार जताया। सीएम ने कहा, खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार हर खेत तक पानी पहुंचाने का काम करेगी।

दो सोलर सह स्टोरेज परियोजनाओं को भी हरी झंडी

साथ ही दो सोलर सह स्टोरेज परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई। प्रत्येक 300 मेगावाट की होगी। एक में स्टोरेज की जाने वाली बिजली से 4 घंटे और दूसरी में स्टोरेज की जाने वाली बिजली से 6 घंटे आपूर्ति की जा सकेगी।

मंत्रियों को मुख्यमंत्री ने ये निर्देश दिए

-एमपी में संकल्प से समाधान अभियान, स्वच्छ जल अभियान, प्रदेश में जैव विविधता को समृद्ध करने जैसे विषयों को सफल बनाएं।

-अपने-अपने विभागों से जुड़े कामों की नियमित निगरानी-समीक्षा करें।

-स्वच्छ जल अभियान की समीक्षा की जाए, जहां कमी हो, उसे पूरी की जाए।

-मकर संक्रांति का दिन शुभ परिवर्तन, आत्मबल और सकारात्मक सोच का प्रतीक है, आम जन के साथ इसे भव्यता के साथ मनाएं।

-कृषक कल्याण वर्ष में जिन विभागों की सहभागिता है, वे अपने-अपने स्तर के काम करें। परिणाम लाने हैं, यह सभी की जिम्मेदारी है।

-असम सरकार के साथ जंगली भैंसे, गैंडे व कोबरा समेत अन्य वन्यप्राणियों को लाने सहमति बनाई है।

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