मध्य प्रदेश सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी में किया बदलाव, उच्च शिक्षा विभाग को मिली राहत

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति और स्थानांतरण नीति में बड़ा बदलाव कर वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब तक नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रोबेशन पीरियड के दो साल पूरे करने के बाद ही स्थानांतरण के लिए पात्रता मिलती थी, लेकिन अब नियमों में संशोधन के बाद विश्वविद्यालय या कॉलेज प्रबंधन जरूरत के हिसाब से उनका स्थान निर्धारण कर सकेंगे। इस फैसले से विशेष रूप से महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों, पारिवारिक कारणों से दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को राहत मिलेगी। विभाग का दावा है कि इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 27, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल 

उच्च शिक्षा विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति और स्थानांतरण नीति में बड़ा बदलाव कर वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब तक नव नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रोबेशन पीरियड के दो साल पूरे करने के बाद ही स्थानांतरण के लिए पात्रता मिलती थी, लेकिन अब नियमों में संशोधन के बाद विश्वविद्यालय या कॉलेज प्रबंधन जरूरत के हिसाब से उनका स्थान निर्धारण कर सकेंगे।

इस फैसले से विशेष रूप से महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों, पारिवारिक कारणों से दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को राहत मिलेगी। विभाग का दावा है कि इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
इसलिए बदली पॉलिसी

उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के अनुसार, कॉलेजों की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। कई बार नए नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को ऐसे कॉलेजों में पदस्थ किया जाता है, जहां जरूरत कम होती है, जबकि अन्य कॉलेजों में कमी बनी रहती है। नई व्यवस्था से इसमें असंतुलन दूर होगा। वहीं शिक्षाविदें का कहना है कि इससे कॉलेजों मे स्थायित्व प्रभावित हो सकता है।

Leave a Comment

2