स्वास्थ्य सुविधाओं पर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी, पंजाब सरकार से ICU और डॉक्टरों की जिलावार जानकारी तलब

चंडीगढ़ पंजाब के सरकारी अस्पतालों में आईसीयू सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सख्त रुख अपनाते हुए विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि प्रदेश के हर जिले में डॉक्टरों की नियुक्ति, स्वीकृत पदों और खाली पदों की वास्तविक स्थिति रिकॉर्ड पर लाई जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत सामने आ सके। सरकार ने पेश किया अस्पतालों का ब्योरा सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अपने हलफनामे में बताया कि राज्य के कई जिला अस्पतालों में आईसीयू सुविधाएं मौजूद हैं। सरकार

Wrriten By :

Editor

Published On :

मार्च 10, 2026

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चंडीगढ़
पंजाब के सरकारी अस्पतालों में आईसीयू सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सख्त रुख अपनाते हुए विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि प्रदेश के हर जिले में डॉक्टरों की नियुक्ति, स्वीकृत पदों और खाली पदों की वास्तविक स्थिति रिकॉर्ड पर लाई जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत सामने आ सके।

सरकार ने पेश किया अस्पतालों का ब्योरा
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने अपने हलफनामे में बताया कि राज्य के कई जिला अस्पतालों में आईसीयू सुविधाएं मौजूद हैं। सरकार के अनुसार जालंधर जिला अस्पताल में 24 आईसीयू बेड पूरी तरह कार्यरत हैं। मोहाली में 15 और पटियाला में 14 समर्पित आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। होशियारपुर जिला अस्पताल में फिलहाल दो आईसीयू बेड काम कर रहे हैं। वहीं अमृतसर में 12 आईसीयू बेड हैं, जिनमें से छह को हाई डिपेंडेंसी यूनिट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

22 जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का दावा
राज्य सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत पंजाब के 22 जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं, जहां आधुनिक आईसीयू सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनका उद्देश्य आपात स्थिति, महामारी और आपदा के समय बेहतर इलाज मुहैया कराना है। हालांकि कोर्ट के सवाल पर सरकार यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि इन परियोजनाओं का काम किस चरण में है।

मालेरकोटला अस्पताल पर खास फोकस
सुनवाई के दौरान मालेरकोटला जिले में आईसीयू की कमी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सरकार ने बताया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 15 स्वीकृत पद हैं। पहले सभी पद भरे हुए थे, लेकिन तबादलों के चलते इस समय पांच पद खाली हो गए हैं।
 
पूरे प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव
राज्य सरकार ने स्वीकार किया कि पूरे पंजाब में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। करीब 160 नए विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती का प्रस्ताव सक्षम प्राधिकरण के पास लंबित है। मंजूरी मिलने के बाद पंजाब लोक सेवा आयोग के जरिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस बीच मरीजों को राहत देने के लिए निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉक्टरों को अस्थायी तौर पर सरकारी अस्पतालों से जोड़ा गया है। मालेरकोटला में भी इस व्यवस्था के तहत सात निजी विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं।

याची ने उठाई गंभीर मरीजों की समस्या
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मालेरकोटला में गंभीर मरीजों को आईसीयू सुविधा न मिलने के कारण उन्हें दूसरे जिलों में रेफर करना पड़ता है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सरकार के हलफनामे में किसी तरह की कमी या विरोधाभास है, तो याची अलग से आवेदन दायर कर सकता है।

अगली सुनवाई में मांगी गई नई रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार अन्य जिलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल अधिकारियों की नियुक्ति व रिक्तियों का पूरा विवरण भी पेश करे। साथ ही आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत चल रही योजनाओं पर भी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए। मामले की अगली सुनवाई करीब दस दिन बाद तय की गई है।

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