HCS परीक्षा में हरियाणा सरकार का बड़ा बदलाव, मुख्य परीक्षा में 4 सामान्य अध्ययन पेपर होंगे शामिल

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की परीक्षा के पाठ्यक्रम में व्यापक संशोधन किया है। मुख्य सचिव  अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है। प्रारंभिक परीक्षा में अब कुल 400 अंकों के दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र होंगे। प्रश्नपत्र-I (सामान्य अध्ययन) में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय एवं विश्व भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा तार्किक क्षमता से संबंधित विषय शामिल होंगे।

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Published On :

जनवरी 10, 2026

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चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की परीक्षा के पाठ्यक्रम में व्यापक संशोधन किया है।

मुख्य सचिव  अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है।

प्रारंभिक परीक्षा में अब कुल 400 अंकों के दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र होंगे। प्रश्नपत्र-I (सामान्य अध्ययन) में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय एवं विश्व भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा तार्किक क्षमता से संबंधित विषय शामिल होंगे। इसमें हरियाणा की अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और भाषा से जुड़े पहलू भी अंतर्निहित रहेंगे।

प्रश्नपत्र-II (सिविल सेवा अभिरुचि परीक्षा) में अभ्यर्थियों की समझ, तार्किक विवेचना, निर्णय क्षमता, समस्या समाधान, सामान्य मानसिक क्षमता, कक्षा 10 के स्तर की संख्यात्मक योग्यता तथा आंकड़ों की व्याख्या का परीक्षण किया जाएगा।

मुख्य लिखित परीक्षा में कुल छह वर्णनात्मक प्रश्नपत्र होंगे, प्रत्येक प्रश्नपत्र तीन घंटे और 100 अंक का होगा, जिससे कुल अंक 600 हो जाएंगे। इस संशोधन के तहत वैकल्पिक विषय प्रणाली को समाप्त कर सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र शामिल किए गए हैं।

प्रश्नपत्र-I (अंग्रेजी एवं निबंध) में गद्यांश की समझ, प्रेसी लेखन, शब्दावली, व्याकरण, रचना एवं किसी एक विषय पर सुव्यवस्थित और संक्षिप्त निबंध लेखन का मूल्यांकन होगा। प्रश्नपत्र-II (हिंदी एवं हिंदी निबंध–देवनागरी लिपि) में अनुवाद, पत्र एवं प्रेसी लेखन, गद्य-पद्य व्याख्या, मुहावरे, शुद्धि एवं विषय आधारित निबंध शामिल हैं।

सामान्य अध्ययन-I में प्राचीन से आधुनिक काल तक की भारतीय कला, साहित्य एवं स्थापत्य, 18वीं सदी से आधुनिक भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता पश्चात राष्ट्र निर्माण, विश्व इतिहास, भारतीय समाज की विविधता, सामाजिक मुद्दे, भौतिक एवं मानव भूगोल तथा हरियाणा से संबंधित पहलुओं को शामिल किया गया है।

सामान्य अध्ययन-II में भारतीय संविधान की विकास यात्रा, विशेषताएं, संशोधन, संघीय ढांचा, संसद एवं विधानमंडलों की कार्यप्रणाली, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका, संवैधानिक एवं वैधानिक संस्थाएं, शासन, कल्याणकारी योजनाएं, ई-गवर्नेंस, नागरिक सेवाओं की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं हरियाणा से जुड़े समकालीन मुद्दे सम्मिलित हैं।

सामान्य अध्ययन-III में भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि, औद्योगिक नीति, अवसंरचना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा तथा हरियाणा से संबंधित विषयों को स्थान दिया गया है।

सामान्य अध्ययन-IV (नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि) में केस स्टडी के माध्यम से लोक जीवन में नैतिक मूल्यों, ईमानदारी, उत्तरदायित्व, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सार्वजनिक सेवा में आचरण, पारदर्शिता, सूचना का अधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़ी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा।

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