योगी सरकार की व्यवस्थाओं के बीच अयोध्या में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ आस्था का पर्व, लाखों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

अयोध्या श्रावण मास के प्रथम सोमवार को रामनगरी अयोध्या पूरी तरह शिवमय हो गई। ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से नगर गूंज उठा। सरयू तट से लेकर मंदिर परिसरों तक भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। योगी सरकार की व्यापक तैयारियों और जिला प्रशासन की सतर्कता के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा का अद्भुत नजारा पेश किया। सुबह से ही कांविड़यों और अन्य शिव भक्तों की कतारें दिखने लगीं। सरयू में पवित्र स्नान के बाद भक्त बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकल पड़े। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष रूप से भीड़ रही। ऐतिहासिक नागेश्वरनाथ मंदिर

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 3, 2026

अयोध्या

श्रावण मास के प्रथम सोमवार को रामनगरी अयोध्या पूरी तरह शिवमय हो गई। ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से नगर गूंज उठा। सरयू तट से लेकर मंदिर परिसरों तक भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। योगी सरकार की व्यापक तैयारियों और जिला प्रशासन की सतर्कता के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा का अद्भुत नजारा पेश किया। सुबह से ही कांविड़यों और अन्य शिव भक्तों की कतारें दिखने लगीं। सरयू में पवित्र स्नान के बाद भक्त बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकल पड़े। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष रूप से भीड़ रही।

ऐतिहासिक नागेश्वरनाथ मंदिर में तो श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यह मंदिर अयोध्या का सबसे प्राचीन और प्रमुख शिवालय माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान राम ने ही इसकी स्थापना की थी। सावन के पहले सोमवार पर यहां शिवलिंग का भव्य श्रृंगार किया गया और भक्तों ने दूध, बेलपत्र, धतूरा और जल अर्पित कर मनोकामनाएं कीं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भी श्रद्धा का विशेष माहौल रहा। मंदिर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थित कुबेर टीला के शिव मंदिर में ट्रस्टी महंत दिनेन्द्रदास ने अर्चकों के साथ भगवान रुद्र का अभिषेक किया। शिवलिंग का आकर्षक श्रृंगार किया गया। प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन को लेकर भी भारी भीड़ उमड़ी। अयोध्या के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी भक्तों का मेला लगा रहा। क्षीरेश्वर नाथ, पंचमुखी महादेव, झारखंडेश्वर महादेव, मऊ शिवाला स्थित शिव मंदिर समेत अन्य शिवालयों में जलाभिषेक के लिए सुबह से ही कतारें लग गईं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त रखा। वहीं एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

भक्तों से अपील, बनाए रखें अनुशासन : एसएसपी

योगी सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। पानी, शेड, मेडिकल कैंप, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा बलों की तैनाती को अंतिम रूप दिया गया था। जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो। एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि सावन के पूरे महीने विशेष सुरक्षा और सुविधा व्यवस्थाएं जारी रहेंगी। सभी प्रमुख मंदिरों में सीसीटीवी निगरानी, वॉलंटियर्स और पुलिस बल तैनात हैं। भक्तों से अपील की गई है कि वे अनुशासन बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

सरयू के किनारे सुनाई दे रही थी आरती और भजन की गूंज

सावन का महीना शिव भक्ति का प्रतीक है। अयोध्या में जहां राम भक्ति का केंद्र है, वहीं शिव और राम की अटूट एकता का प्रतीक भी है। भक्तों का कहना था कि राम और शिव दोनों एक ही हैं। कांवड़िया ‘बोल बम’ के नारे लगाते हुए मंदिरों की ओर बढ़ रहे थे। कई भक्त पैदल कांवड़ लेकर आए थे। सरयू के किनारे आरती और भजन की गूंज सुनाई दे रही थी।

चढ़ावा कांड से नहीं डिगी आस्था

हाल के दिनों में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा कांड की खबरें आई थीं, लेकिन इससे श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। बल्कि पहले सावन सोमवार पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शनाथियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। भक्तों का कहना था कि आस्था किसी भी विवाद से ऊपर है। रामलला के दर्शन के लिए सुबह से शाम तक कतारें लगी रहीं। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने व्यवस्थाएं सुचारु रखीं।

श्रद्धालुओं में दिखी अटूट आस्था

सुल्तानपुर से आए श्रद्धालु रामप्रसाद ने बताया कि बाबा भोलेनाथ और प्रभु श्रीराम दोनों एक ही परम तत्व के स्वरूप हैं। सरयू स्नान के बाद नागेश्वरनाथ और रामलला के दर्शन कर मन को अद्भुत शांति मिली। बोल बम के जयकारों के बीच भक्ति का अलग ही आनंद है। भीड़ अधिक है, लेकिन व्यवस्थाएं भी बेहतर हैं। वहीं लखनऊ से आई श्रद्धालु सुनीता देवी ने कहा मैं हर साल सावन में अयोध्या आती हूं। इस बार पहला सोमवार और भी विशेष रहा। कुबेर टीला पर भगवान शिव का अभिषेक और रामलला के दर्शन कर आंखें नम हो गईं। 

अयोध्या में श्रावण-कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों के लिए यातायात डायवर्जन

अयोध्या जाने के लिए श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद में भारी मालवाहक वाहनों, ट्रक, डीसीएम और ट्रैक्टरों के लिए यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए चार प्रमुख अवधियों में ये प्रतिबंध लगाए हैं। आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इन डायवर्जन नियमों से छूट दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें ताकि कांवड़ यात्रा और श्रावण मेले के दौरान यातायात सुचारू रहे।

 डायवर्जन की प्रमुख तिथियां 

8 अगस्त सुबह 8 बजे से 11 अगस्त सुबह 8 बजे तक या भीड़ समाप्ति तक (द्वितीय सोमवार), 15 अगस्त सुबह 8 बजे से 17 अगस्त रात 11 बजे तक या भीड़ समाप्ति तक (नागपंचमी), 23 अगस्त सुबह 8 बजे से 24 अगस्त रात तक या भीड़ समाप्ति तक (चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार), 27 अगस्त सुबह 8 बजे से 28 अगस्त रात 11 बजे तक या भीड़ समाप्ति तक (श्रावण पूर्णिमा स्नान एवं मेला समापन)।

मार्गों का प्रमुख डायवर्जन 

सुल्तानपुर से आने वाले वाहन कूड़ेभार होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे। रायबरेली से आने वाले वाहनों को हलियापुर होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। अंबेडकरनगर की ओर से आने वाले वाहन गोविन्दा मोड़–दोस्तपुर–पूर्वांचल एक्सप्रेसवे मार्ग अपनाएंगे।बाराबंकी से आने वाले वाहन मिटिरिया–रामसनेहीघाट–हैदरगढ़–पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे। बस्ती की ओर से आने वाले वाहनों को लोलपुर होकर नवाबगंज (गोंडा) की ओर मोड़ा जाएगा। गोंडा से आने वाले वाहन लकड़मंडी–लोलपुर मार्ग से जाएंगे, जबकि गोरखपुर से आने वाले वाहनों को लिंक एक्सप्रेसवे–पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा।लखनऊ–संतकबीरनगर–बस्ती की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।