सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए गांवों में पहुंचेगा शिक्षा विभाग

पटना अब हर महीने में एक दिन गांवों में संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी व प्रखंड शिक्षा अधिकारी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के साथ संवाद करेंगे। यह व्यवस्था संस्थागत रूप से लागू करने की तैयारी शिक्षा विभाग कर रहा है। सहयोग शिविर में अलग-अलग जगहों से शिक्षा विभाग से जुड़े आए मामलों की प्रकृति के अध्ययन के बाद शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है। पूरे दिन गांव में रहेंगे जिला शिक्षा अधिकारी शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हर महीने एक तय तिथि को संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी व प्रखंड शिक्षा

Wrriten By :

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Published On :

जुलाई 10, 2026

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पटना
अब हर महीने में एक दिन गांवों में संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी व प्रखंड शिक्षा अधिकारी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के साथ संवाद करेंगे।

यह व्यवस्था संस्थागत रूप से लागू करने की तैयारी शिक्षा विभाग कर रहा है। सहयोग शिविर में अलग-अलग जगहों से शिक्षा विभाग से जुड़े आए मामलों की प्रकृति के अध्ययन के बाद शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है।

पूरे दिन गांव में रहेंगे जिला शिक्षा अधिकारी
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हर महीने एक तय तिथि को संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी व प्रखंड शिक्षा अधिकारी पूरे दिन गांव में रहेंगे।

इस दौरान उक्त गांव के वैसे अभिभावकों को वार्ता के लिए बुलाया जाएगा जिनके बच्चे उक्त गांव या फिर आसपास के सरकारी विद्यालयों में पढ़ते हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारी उनसे संबंधित विद्यालयों में हो रहे पठन-पाठन व शिक्षकों की उपलब्धता के संबंध में फीडबैक लेंगे।

फीडबैक के आधार पर जिलास्तर पर बनेगी रिपोर्ट
अभिभावकों से वार्ता के क्रम में हासिल फीडबैक के आधार पर विद्यालय में पढ़ाई की गुणवत्ता और शिक्षकों की उपलब्धता के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रिपोर्ट तैयार किया जाएगा।

संबंधित रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के प्रधानाध्यापकों से सुधार को ले बात की जाएगी। सुधार हुआ या नहीं इस बारे में संबंधित गांव के अभिभावकों से कई चक्र में यह बात की जाएगी कि स्थिति बेहतर हुई या नहीं।

मुख्यालय स्तर पर भी आएगी रिपोर्ट  
मुख्यालय स्तर पर भी यह रिपोर्ट आएगी कि एक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी व प्रखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा कितने गांवों में अभिभावकों से बात की गई।

शिक्षा विभाग इस अभियान के तहत यह रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेजेगा कि संबंधित विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कितनी है और उस लिहाज से वहां कितने शिक्षक हैं। विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में भी रिपोर्ट बनेगी।

सहयोग शिविर में आए मामलों को आधार बनाकर की जा रही कवायद
सहयोग शिविर में अलग-अलग जगहों पर शिक्षा विभाग से जुड़े जो मामले पहुंचे उसी को आधार बनाकर गांवों में जाकर अभिभावकों से बात करेंगे अधिकारी।

सहयाेग शिविर में यह बात आयी थी कि स्कूलों में शिक्षक की कमी है, शिक्षक समय पर नहीं आ रहे और कई जगहों पर स्कूल के भवनों के दुरुस्त नहीं रहने की शिकायत भी आयी थी।

 

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