पायलट बनने का सपना होगा पूरा, 75 अभ्यर्थियों में से 15 का मुफ्त ट्रेनिंग के लिए होगा चयन

रांची  झारखंड में युवाओं को मुफ्त में कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण देने की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना पर काम तेजी से शुरू हो गया है। हाल ही में आयोजित लिखित परीक्षा में सफल हुए 75 अभ्यर्थियों के बीच से अब अंतिम 15 छात्रों का चयन साइकोमेट्रिक टेस्ट (Psychometric Test) के जरिए किया जाएगा ज्ञात हो कि एक बैच में कुल 30 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाना है, जिसमें से 15 छात्र भुगतान (Paid) श्रेणी के तहत पहले ही चुने जा चुके हैं। वहीं, बाकी बचे 15 छात्रों को राज्य सरकार अपने खर्च पर मुफ्त प्रशिक्षण दिलवाएगी, जिसकी फीस का भुगतान सीधे प्रशिक्षण

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Published On :

सितम्बर 8, 2026

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रांची
 झारखंड में युवाओं को मुफ्त में कमर्शियल पायलट का प्रशिक्षण देने की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना पर काम तेजी से शुरू हो गया है।

हाल ही में आयोजित लिखित परीक्षा में सफल हुए 75 अभ्यर्थियों के बीच से अब अंतिम 15 छात्रों का चयन साइकोमेट्रिक टेस्ट (Psychometric Test) के जरिए किया जाएगा

ज्ञात हो कि एक बैच में कुल 30 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाना है, जिसमें से 15 छात्र भुगतान (Paid) श्रेणी के तहत पहले ही चुने जा चुके हैं।

वहीं, बाकी बचे 15 छात्रों को राज्य सरकार अपने खर्च पर मुफ्त प्रशिक्षण दिलवाएगी, जिसकी फीस का भुगतान सीधे प्रशिक्षण एजेंसी को किया जाएगा।

साइकोमेट्रिक और जजमेंटल टेस्ट से परखी जाएगी मानसिक क्षमता
पायलट जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए अभ्यर्थी के धैर्य, व्यवहार और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का आकलन बेहद जरूरी होता है। इसके लिए सभी 75 सफल अभ्यर्थियों को साइकोमेट्रिक जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।

क्या होता है साइकोमेट्रिक और जजमेंटल टेस्ट?
मानसिक क्षमता और व्यवहार का आकलन: यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसके जरिए उम्मीदवार की मानसिक क्षमता, व्यक्तित्व, सोचने के तरीके और तनाव की स्थिति में उनके व्यवहार को मापा जाता है।

निर्णय लेने का कौशल : अभ्यर्थियों को काम से जुड़ी काल्पनिक और जटिल स्थितियां दी जाती हैं, जिससे यह परखा जाता है कि आपातकालीन स्थिति में वे सही फैसला कैसे लेते हैं।

विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन: यह मूल्यांकन अनुभवी मनोवैज्ञानिकों और मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा किया जाता है, ताकि पायलट की भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त अभ्यर्थियों की पहचान हो सके।

इस साइकोमेट्रिक परीक्षण के बाद ही अंतिम 15 छात्रों का चयन कर उन्हें मुफ्त पायलट ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा, जो राज्य के होनहार युवाओं के उड्डयन क्षेत्र में करियर बनाने का सपना पूरा करेगा।

 

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