जिले को देंगे ₹620 करोड़ से अधिक की 11 विकास परियोजनाओं की सौगात

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार 1 जुलाई को सहारनपुर से राज्यव्यापी 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। नए शैक्षिक सत्र में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू हो रहे इस अभियान के साथ मुख्यमंत्री सहारनपुर जनपद की दो विधानसभाओं को ₹620 करोड़ से अधिक लागत की 11 विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। शिक्षा और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में एक ओर विद्यालय से बाहर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा, वहीं दूसरी ओर जनपद की आधारभूत संरचना को मजबूत करने

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जुलाई 1, 2026

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार 1 जुलाई को सहारनपुर से राज्यव्यापी 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। नए शैक्षिक सत्र में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू हो रहे इस अभियान के साथ मुख्यमंत्री सहारनपुर जनपद की दो विधानसभाओं को ₹620 करोड़ से अधिक लागत की 11 विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।

शिक्षा और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में एक ओर विद्यालय से बाहर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा, वहीं दूसरी ओर जनपद की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाली परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा।

सहारनपुर के इस्माइलपुर ग्राम में सीएम मॉडल  कंपोजिट विद्यालय में 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बच्चों को नवीन शैक्षणिक सत्र की पाठ्य पुस्तकें, स्कूल बैग व स्टेशनरी का वितरण भी करेंगे। इस अवसर पर जनपद के सर्वश्रेठ प्रधानाध्यापकों का सम्मान भी किया जाएगा।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री महाराज सिंह डिग्री कॉलेज ग्राउंड जाएंगे, जहां वह सहारनपुर नगर विधानसभा क्षेत्र की ₹612 करोड़ से अधिक लागत की 8 विकास परियोजनाओं और सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र की ₹7 करोड़ से अधिक लागत की 3 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे।

स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण के अन्तर्गत विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान, उनका नामांकन, ड्रॉपआउट बच्चों की पुनर्वापसी, अभिभावकों को जागरूक करने और जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।