छत्तीसगढ़ में दीदी ई-रिक्शा योजना ने संवारी सुषमा की जिंदगी

रायपुर. श्रम विभाग के अंतर्गत छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा महिला निर्माणी श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु संचालित “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत कम से कम 03 वर्षों से मंडल में पंजीकृत, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिला निर्माणी श्रमिकों को स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। जानकारी के पश्चात श्रीमती सुषमा द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ श्रम विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया गया। आवेदन का विधिवत परीक्षण उपरांत पात्र पाए जाने पर कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा

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Published On :

जनवरी 4, 2026

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रायपुर.

श्रम विभाग के अंतर्गत छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा महिला निर्माणी श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु संचालित “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत कम से कम 03 वर्षों से मंडल में पंजीकृत, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिला निर्माणी श्रमिकों को स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

जानकारी के पश्चात श्रीमती सुषमा द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ श्रम विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया गया। आवेदन का विधिवत परीक्षण उपरांत पात्र पाए जाने पर कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में एक लाख रूपए की सहायता राशि अंतरित की गई।

आत्मनिर्भरता की दिशा में बढते सशक्त कदम

इस सहायता से श्रीमती सुषमा ने ई-रिक्शा क्रय कर धमतरी शहर में संचालन प्रारंभ किया। वर्तमान में उन्हें प्रतिदिन लगभग 5 सौ रूपए से 700 रूपए की नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की शिक्षा-दीक्षा बेहतर ढंग से कर पा रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा है। इस सहायता से श्रीमती सुषमा ने ई-रिक्शा क्रय कर धमतरी शहर में संचालन प्रारंभ किया। वर्तमान में उन्हें प्रतिदिन लगभग 5 सौ रूपए से 700 रूपए की नियमित आय प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की शिक्षा-दीक्षा बेहतर ढंग से कर पा रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा है।

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” के अंतर्गत एक लाख रूपए की सहायता

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत गहिला निर्माणी श्रमिक सुषमा सतनामी, निवासी ग्राम तेन्दूकोन्हा, पोस्ट को मंडल द्वारा संचालित “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” के अंतर्गत एक लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई। सुषमा सतनामी पूर्व में एक निर्माणी श्रमिक (रेजा) के रूप में कार्यरत थीं, जबकि उनके पति राजमिस्त्री का कार्य करते हैं। उनके दो बच्चे 7 वीं एवं 5 वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। दैनिक मजदूरी पर आधारित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं एवं बच्चों की शिक्षा संबंधी खर्चों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था।

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” महिला श्रमिकों को स्वरोजगार से जोडने का माध्यम

सुषमा सतनामी ने योजना से लाभान्वित होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, श्रम मंत्री, कलेक्टर, जिला धमतरी एवं श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे श्रमिक परिवारों के लिए आशा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनी है। “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” महिला श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़कर न केवल आर्थिक सशक्तिकरण कर रही है, बल्कि सामाजिक सम्मान एवं सुरक्षित भविष्य की ओर भी मार्ग प्रशस्त कर रही है।

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