पायलट बनने की लागत 34.31 लाख रुपये, पांच किस्तों में होगा पूरा भुगतान

रांची  झारखंड में 15 छात्रों को भुगतान के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चालू हो चुका है और इन्हें अभी ग्राउंड एक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। यहां सभी ट्रेनी पायलट कागजी पढ़ाई को पूरा करेंगे, जिसके बाद हवा में प्रशिक्षण शुरू होगा। छात्रों को छात्रावास शुल्क के अलावा पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पांच किस्तों में 34.31 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा परीक्षा के आधार पर 15 और छात्रों का चयन किया जाएगा जिन्हें अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। झारखंड कमर्शियल पायलट के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम एक जून से शुरू हाे चुका है। इसके लिए चयनित छात्रों

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Published On :

जून 15, 2026

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रांची
 झारखंड में 15 छात्रों को भुगतान के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चालू हो चुका है और इन्हें अभी ग्राउंड एक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। यहां सभी ट्रेनी पायलट कागजी पढ़ाई को पूरा करेंगे, जिसके बाद हवा में प्रशिक्षण शुरू होगा।

छात्रों को छात्रावास शुल्क के अलावा पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पांच किस्तों में 34.31 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा परीक्षा के आधार पर 15 और छात्रों का चयन किया जाएगा जिन्हें अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

झारखंड कमर्शियल पायलट के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम एक जून से शुरू हाे चुका है। इसके लिए चयनित छात्रों को दुमका स्थित स्टेट हैंगर में रखा गया है, जहां प्रारंभ में ग्राउंड एक्टिविटी के बारे में बताया जाएगा। प्रशिक्षण की शुरुआत हो चुकी है।

छात्रों को इसके लिए पांच चरणों में पूरा भुगतान करना होगा जो कि 34.31 लाख रुपये है। सभी छात्रों को निबंधन के समय 3.5 लाख रुपये देने होंगे जिसके बाद भुगतान के लिए अलग-अलग तारीख और शर्तें निर्धारित की जा चुकी हैं। इसके अलावा अन्य 15 प्रतिभाशाली छात्रों को सरकार की ओर से मुफ्त प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

कैसे-कैसे करना है भुगतान
चरण                          लागत (लाख रुपये)
निबंधन के समय                    3.50
उड़ान शुरू करने से पहले        3.90
20 घंटे उड़ान के पूर्व               7.00
50 घंटे उड़ान के पूर्व                  7.00
100 घंटे उड़ान के पूर्व                7.00
150 घंटे उड़ान के पूर्व                   5.91
कुल लागत     34.31

परीक्षा पर्षद ने कुछ बिंदुओं को स्पष्ट करने का आग्रह किया
छात्रों के चयन को लेकर परीक्षा के लिए अधिकृत एजेंसी झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने छात्रों के प्रमाणपत्रों की जांच के लिए पर्षद को ही अधिकृत करने की बात कही है।

ऐसा होने से कहीं काेई भ्रम नहीं रह जाएगा। फिलहाल सिर्फ परीक्षा कराने का दायित्व पर्षद के पास है। पर्षद का तर्क है कि प्रमाणपत्रों की जांच पर्षद के जिम्मे होने से बेहतर परिणाम मिलेंगे।

 

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