Vijay TVK Campaign: तमिलनाडु की राजनीति में अपनी नई धमक दर्ज करा रहे ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के प्रमुख और लोकप्रिय अभिनेता विजय ने तिरुचिरापल्ली में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य की सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) सरकार को आड़े हाथों लिया। विजय ने विशेष रूप से एलपीजी (LPG) गैस की बढ़ती कीमतों और इससे आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एलपीजी संकट एक ऐसी समस्या थी जिसे केंद्र और तमिलनाडु सरकार मिलकर टाल सकते थे, लेकिन दोनों ही सरकारों की इच्छाशक्ति की कमी के कारण जनता आज महंगाई की मार झेलने को मजबूर है।
द्रमुक के चुनावी वादों पर सवाल: ‘झूठे वादों का नया पुलिंदा‘
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए विजय ने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान द्रमुक ने जनता से जो लुभावने वादे किए थे, वे आज भी अधूरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद पार्टी अपने संकल्पों को भूल गई है। विजय ने जनता को आगाह किया कि अब चुनाव नजदीक आते देख द्रमुक ने फिर से झूठे वादों का एक नया ‘पुलिंदा’ पेश कर दिया है। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार केवल विज्ञापनों और कागजों पर चल रही है, जबकि जमीनी हकीकत में आम आदमी की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
भाजपा और द्रमुक एक ही सिक्के के दो पहलू: विजय का दावा
विजय ने अपने भाषण में एक बड़ा राजनीतिक विश्लेषण पेश करते हुए कहा कि राज्य की जनता को न तो द्रमुक पर भरोसा करना चाहिए और न ही भाजपा पर। उन्होंने तर्क दिया कि भले ही ये दोनों दल एक-दूसरे के विरोधी होने का दिखावा करते हों, लेकिन सत्ता के प्रति इनकी सोच और कार्यशैली एक जैसी है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे इन दोनों स्थापित शक्तियों को नकार दें और राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में ‘टीवीके’ (TVK) को एक मौका दें। विजय ने भावनात्मक कार्ड खेलते हुए कहा, “मैं आपसे कभी झूठ नहीं बोलूंगा और न ही आपको कभी धोखा दूंगा।”
सीधा मुकाबला: टीवीके बनाम द्रमुक की जंग
आगामी चुनावों की दिशा तय करते हुए विजय ने घोषणा की कि तमिलनाडु का असली मुकाबला अब केवल उनकी पार्टी टीवीके और सत्ताधारी द्रमुक के बीच है। उन्होंने अन्य दलों को इस दौड़ से बाहर बताते हुए खुद को मुख्य चुनौती के रूप में पेश किया। विजय का मानना है कि तमिलनाडु की जनता अब पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के चक्रव्यूह से बाहर निकलकर एक ईमानदार और पारदर्शी नेतृत्व की तलाश में है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर सरकार की विफलताओं को उजागर करें और टीवीके के विजन को लोगों तक पहुँचाएं।
विकास का रोडमैप: शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
अपनी पार्टी के भविष्य के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए विजय ने छह मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि अगर टीवीके सत्ता में आती है, तो उनका प्राथमिक फोकस उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, राशन वितरण प्रणाली में सुधार, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पीने का पानी, मजबूत बुनियादी ढांचा और किफायती परिवहन पर होगा। विजय ने जोर देकर कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि तमिलनाडु के हर नागरिक के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से अपील की कि वे राज्य के नवनिर्माण में उनके साथ जुड़ें।
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