Thalapathy Vijay : तमिलनाडु में विजय बने TVK विधायक दल के नेता, सरकार बनाने का दावा पेश किया

तमिलनाडु की राजनीति में 59 साल का द्रविड़ वर्चस्व खत्म करते हुए थलपति विजय की पार्टी TVK 108 (प्रभावी 107) सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद विजय अब राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी में हैं। क्या कांग्रेस का साथ उन्हें बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुँचाएगा?

Thalapathy Vijay

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 5, 2026

Thalapathy Vijay : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासत में एक ऐतिहासिक उलटफेर कर दिया है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) राज्य में सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। चुनावी परिणामों के बाद आज मंगलवार को चेन्नई में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों ने एक स्वर में पार्टी सुप्रीमो विजय के नेतृत्व पर मुहर लगाते हुए उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया है। इस निर्णय के साथ ही विजय के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है।

स्वाभिमान से समझौता नहीं: समर्थन के लिए हाथ नहीं फैलाएगी TVK

बैठक के दौरान पार्टी ने सरकार बनाने के लिए जरूरी जादुई आंकड़े और गठबंधन की संभावनाओं पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के भीतर यह तय किया गया है कि सत्ता के लिए वे अपने आत्म-स्वाभिमान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि TVK सरकार बनाने के लिए आवश्यक विधायकों के समर्थन के लिए किसी अन्य दल के सामने हाथ नहीं फैलाएगी। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि समर्थन की पूरी प्रक्रिया ‘ऑर्गेनिक’ यानी स्वाभाविक होगी। यदि कोई अन्य दल स्वेच्छा से गठबंधन के लिए चर्चा करना चाहता है, तो पार्टी के वरिष्ठ नेता उनसे सम्मानजनक बातचीत करेंगे।

सत्ता में भागीदारी का प्रस्ताव: सहयोगी दलों को मिलेगा अधिकार

TVK ने एक समावेशी सरकार चलाने का संकेत देते हुए कहा है कि उन्हें गठबंधन के साथियों को सत्ता में उचित अधिकार देने में कोई आपत्ति नहीं है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यदि अन्य दल सरकार को समर्थन देने के लिए आगे आते हैं, तो उन्हें मंत्रिमंडल और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सम्मानजनक स्थान दिया जाएगा। गठबंधन को लेकर बातचीत की जिम्मेदारी पार्टी के अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है। यह रणनीति दर्शाती है कि विजय न केवल एक मजबूत नेता के रूप में उभरना चाहते हैं, बल्कि वे सभी सहयोगियों को साथ लेकर एक स्थिर और पारदर्शी शासन प्रदान करने के इच्छुक हैं।

राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा: बहुमत साबित करने की चुनौती

तमिलनाडु की कुल 234 विधानसभा सीटों में से TVK ने 108 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। हालांकि, यह आंकड़ा पूर्ण बहुमत (118) से महज 10 सीटें कम है। इस स्थिति में, विजय ने आधिकारिक तौर पर राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। राज्यपाल को भेजे गए ई-मेल में विजय ने तर्क दिया है कि चूंकि TVK सदन में सबसे बड़ी पार्टी (Single Largest Party) के रूप में उभरी है, इसलिए लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार उन्हें पहले सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। पार्टी ने विश्वास प्रस्ताव हासिल करने के लिए विधानसभा के पटल पर उचित अवसर दिए जाने का अनुरोध किया है।

दो सप्ताह का समय और कानूनी पेच: राज्यपाल की भूमिका अहम

पार्टी सूत्रों के अनुसार, TVK ने सदन में अपना बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल से दो सप्ताह का समय मांगा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राज्यपाल कानूनी विशेषज्ञों और संवैधानिक जानकारों से सलाह ले रहे हैं, क्योंकि किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। इस बीच, सुरक्षा के मद्देनजर विजय के पनैयूर स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गौरतलब है कि विजय ने दो सीटों—पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से जीत दर्ज की है। संभावना जताई जा रही है कि वे पेरंबूर सीट को अपने पास रखेंगे और जल्द ही दूसरी सीट से इस्तीफा दे देंगे। तमिलनाडु की जनता अब टकटकी लगाए राजभवन के अगले कदम का इंतजार कर रही है।

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