TET Paper Leak Case: महाराष्ट्र में रविवार, 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक होने के कारण एक बड़े विवाद में घिर गई है। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पेपर लीक होने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने इसे रद्द करने का निर्णय लिया, जिससे हजारों परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाया है और दोषियों को बख्शने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
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विशेष जांच दल (SIT) का गठन और सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की गहन जांच के लिए ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) पंजाबराव उगले के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया है। सीएम ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते के साथ आपात बैठक की और पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने का निर्देश दिया।
जांच का दायरा राज्य से बाहर तक फैल चुका है। मिली जानकारी के अनुसार, SIT की चार विशेष टीमें अंतरराज्यीय पेपर लीक रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल भेजी गई हैं। यह स्पष्ट है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह इसमें शामिल है।
पुलिस का ‘ऑपरेशन ट्रैप’ और गैंग का पर्दाफाश
ठाणे पुलिस को गुरुवार, 25 जून की देर शाम ही इस अंतरराज्यीय रैकेट की भनक लग गई थी। पुलिस ने इस गिरोह को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति अपनाई। पुलिसकर्मियों ने खुद ‘ग्राहक’ बनकर आरोपियों से संपर्क साधा और पेपर के बदले मोटी रकम देने का लालच दिया।
पुलिस की इस सतर्कता का परिणाम यह रहा कि जैसे ही आरोपी पेपर बेचने के लिए पहुंचे, पुलिस ने उन्हें जाल में फंसाकर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, ये आरोपी हवाई जहाज से दिल्ली से ठाणे आए थे। फिलहाल पुलिस चौथे आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जो इस रैकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
उच्च शिक्षित हैं पेपर लीक के आरोपी
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी उच्च शिक्षित हैं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिसने बीएससी की है और उसका जमीन की खरीद-बिक्री का व्यवसाय है।
आकाश कुमार: जो बीकॉम स्नातक है।
धीरज कुमार: जो बीए पास है।
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी धीरज कुमार खुद केंद्रीय विद्यालय की शिक्षक भर्ती परीक्षा दे चुका है, जिसमें वह असफल रहा था। इन शिक्षित युवाओं का संगठित अपराध में शामिल होना यह दर्शाता है कि यह रैकेट कितनी चालाकी से सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा था।
परीक्षार्थियों में रोष और भविष्य की चिंता
परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों में भारी निराशा और गुस्सा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी और SIT जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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