Terrorist Attack News: आर्मी चेक पोस्ट पर फिदायीन हमला, धमाके की गूंज से सहमा इलाका, अब तक 18 की मौत

पाकिस्तान एक बार फिर भीषण आतंकी हमले की चपेट में है। बीती शाम एक आत्मघाती हमलावर (Fidyeen) ने सैन्य चौकी (Army Check Post) को निशाना बनाते हुए खुद को उड़ा लिया।

Terrorist Attack News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 7, 2026

Terrorist Attack News: पाकिस्तान के मीरानशाह क्षेत्र में बीती शाम एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 5 बच्चों समेत कम से कम 18 लोग मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हुए। यह हमला पाकिस्तान-अफगानिस्तान सरहदी इलाके में चश्मा पुल पर शाम करीब साढ़े 4 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, एक सुसाइड बॉम्बर बाइक के साथ सेना की चेक पोस्ट से टकरा गया। टक्कर लगते ही बाइक और चेक पोस्ट के चिथड़े उड़ गए, जिससे आसपास की दुकानों में आग लग गई और कई लोग मौके पर ही मारे गए।

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हाफिज गुल बहादुर और उस्तुद उल खोरासन का हाथ

हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन उस्तुद उल खोरासन (USK) ने ली है। यह संगठन इत्तिहाद उल मुजाहिदीन पाकिस्तान (IMP) से जुड़ा है, जिसके प्रमुख हाफिज गुल बहादुर आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी हैं। उन्होंने पाकिस्तान में बाजार के बीचोंबीच सुसाइड अटैक कर लोगों की जान ली। बाइक में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक था कि इससे आसपास के कई दुकानों में आग फैल गई।

हाफिज गुल बहादुर का कनेक्शन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर से भी बताया गया है। उन्होंने अफगानिस्तान से आकर मसूद अजहर के साथ आतंकवाद की ट्रेनिंग ली और पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में शामिल हुए। हाफिज गुल को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा ट्रेनिंग दी गई थी। उनकी ट्रेनिंग मसूद अजहर के बन्नू स्थित ट्रेनिंग कैम्प में हुई थी, जहाँ उन्होंने कई आतंकियों को प्रशिक्षण दिया।

आतंकियों की ट्रेनिंग और अफगानिस्तान में भेजी गई फौज

हाफिज गुल बहादुर ने अपना खुद का मदरसा भी चलाया, जहां आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी। उनके अनुसार 60 फीसदी प्रशिक्षित आतंकियों को अफगानिस्तान भेजा जाता था, जबकि 40 फीसदी को जैश-ए-मोहम्मद और अल बद्र के लिए कश्मीर में लड़ने भेजा जाता था। लाल मस्जिद कांड के बाद हाफिज गुल बहादुर ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़कर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में भाग लिया। यह युद्ध तब से अब तक जारी है।

हमला स्थानीय और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी पड़ा

इस सुसाइड बम धमाके ने स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा बलों में दहशत पैदा कर दी है। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर कर स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की। घटना के बाद पाकिस्तान में आतंकवाद की समस्या और सरहदी इलाकों में सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हाफिज गुल बहादुर और उनके सहयोगियों की गतिविधियां पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सीमा क्षेत्रों में लगातार खतरनाक साबित हो रही हैं। उनके नेटवर्क ने पाकिस्तान में कई आतंकी हमले किए हैं और कश्मीर में भी अस्थिरता फैलाने की कोशिश की है।

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