Punjab में तनाव: गुरुद्वारा साहिब में किसान नेता रोके गए, पुलिस ने किया घेराव

मोगा/चंडीगढ़. पंजाब के मोगा जिले के कस्बा धर्मकोट में शनिवार को प्रस्तावित रैली से पहले उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं को गुरुद्वारा साहिब में घेर लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब किसान नेता मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करने के लिए दाना मंडी धर्मकोट की ओर जाने की तैयारी में थे। जानकारी के अनुसार, किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े नेता गांव लोहगढ़ के एक गुरुद्वारा साहिब में एकत्रित हुए थे और वहां से रैली स्थल की ओर कूच करने वाले थे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने उनकी आगे बढ़ने की कोशिश को

Wrriten By :

Editor

Published On :

मार्च 21, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

मोगा/चंडीगढ़.

पंजाब के मोगा जिले के कस्बा धर्मकोट में शनिवार को प्रस्तावित रैली से पहले उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं को गुरुद्वारा साहिब में घेर लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब किसान नेता मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करने के लिए दाना मंडी धर्मकोट की ओर जाने की तैयारी में थे।

जानकारी के अनुसार, किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े नेता गांव लोहगढ़ के एक गुरुद्वारा साहिब में एकत्रित हुए थे और वहां से रैली स्थल की ओर कूच करने वाले थे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने उनकी आगे बढ़ने की कोशिश को रोकते हुए उन्हें वहीं घेर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया और स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

कार्रवाई का जताया कड़ा विरोध
किसान नेताओं ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकार उनके साथ किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बैठकों के लिए समय दिया जाता है, लेकिन बाद में टालमटोल कर दी जाती है, जिससे किसानों के साथ धोखा हो रहा है। नेताओं ने कहा कि उन्हें रास्ते में रोकना और गुरुद्वारा साहिब में घेरना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। किसान संगठनों ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर गहरा रोष जताया। उनका कहना है कि सरकार बार-बार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है और आवाज उठाने पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, रैली के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव से बचने के लिए एहतियात के तौर पर यह कार्रवाई की गई। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और आने वाले समय में इस मुद्दे पर और टकराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Leave a Comment

2