पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ा तनाव, सऊदी को फोन कर पाकिस्तान ने जंग की संभावना जताई

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को अफगानिस्तान में कथित TTP ठिकानों पर हमला किया गया था. अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसका पलटवार होगा. गुरुवार देर रात अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार अटैक हुए. जवाब में पाकिस्तान ने फिर हवाई हमले किए हैं. अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए. सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया

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Published On :

फ़रवरी 27, 2026

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काबुल
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान की ओर से 22 फरवरी को अफगानिस्तान में कथित TTP ठिकानों पर हमला किया गया था. अफगानिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसका पलटवार होगा. गुरुवार देर रात अफगान तालिबान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. सीमा पर गोलीबारी और मोर्टार अटैक हुए. जवाब में पाकिस्तान ने फिर हवाई हमले किए हैं. अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगान सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए.

सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुस आया था, जिसे अफगान बलों ने निशाना बनाया और मार गिराया. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया जैसे इलाकों में भी बमबारी की. इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि पाकिस्तानी सैन्य शासन ने कुछ स्थानों पर हमले किए. हालांकि उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.

वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसे पहले अफगान तालिबान की ओर से ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का सामना करना पड़ा और जवाब में उसने कार्रवाई की. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए. साथ ही कई सैन्य ठिकाने और गोला-बारूद डिपो नष्ट कर दिए गए. लेकिन अफगानिस्तान के नजरिए से देखा जाए तो मामला अलग है. काबुल का कहना है कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पार हमले कर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा है.

पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर चीन ने जताई चिंता

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी गोलीबारी पर चीन ने गहरी चिंता जताई है. चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने और तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दोनों पक्ष शांत रहें, हालात को न बढ़ाएं और जल्द से जल्द संघर्ष विराम लागू करें ताकि और खून-खराबा न हो. उन्होंने यह भी बताया कि चीन का विदेश मंत्रालय और पाकिस्तान व अफगानिस्तान स्थित उसके दूतावास दोनों देशों के संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं.

 पाकिस्तान ने सऊदी को घुमाया फोन

पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री से फोन पर बात की है. बातचीत में मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई.

 PM शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनकी सेना किसी भी ‘आक्रामक मंसूबे’ को कुचलने की पूरी क्षमता रखती है. यह बयान उस रात के बाद आया जब इस्लामाबाद ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए. सीमा पार झड़पें शुक्रवार को और तेज हो गईं. पाकिस्तान ने हमलों के बाद काबुल के खिलाफ ‘खुली जंग’ का ऐलान कर दिया, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

 अफगानिस्तान-पाकिस्तान में पहले भी हुआ तनाव

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ महीनों में लगातार बिगड़ते गए हैं. अक्टूबर में हुई घातक झड़पों में दोनों तरफ 70 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद से ज्यादातर जमीनी सीमा पार रास्ते बंद पड़े हैं. इस्लामाबाद अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह पाकिस्तान में हमले करने वाले उग्रवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है. कतर और तुर्की की मध्यस्थता में शुरुआती युद्धविराम के बाद कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है.

 

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