बुलडोजर कार्रवाई से उजड़े 10 परिवार, विरोध में रातू रोड पर चक्का जाम

रांची राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने मकानों को तोड़े जाने के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में आक्रोश है और लोग सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के पीछे स्थित खादगढ़ा, महुआ टोली और जयप्रकाश नगर इलाके में मंगलवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 27 कट्ठा सरकारी जमीन पर बने लगभग 10 मकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी थी और उस पर अवैध कब्जा

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Published On :

फ़रवरी 11, 2026

रांची

राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने मकानों को तोड़े जाने के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में आक्रोश है और लोग सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं।

सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के पीछे स्थित खादगढ़ा, महुआ टोली और जयप्रकाश नगर इलाके में मंगलवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 27 कट्ठा सरकारी जमीन पर बने लगभग 10 मकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी थी और उस पर अवैध कब्जा किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई।

अचानक घर टूटने से लोग बेघर हो गए
कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों में नाराजगी फैल गई। लोगों का आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया और न ही रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। कई परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे थे और अचानक घर टूटने से वे बेघर हो गए हैं। महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि साल 2020 में करीब 48 डिसमिल जमीन एक आदिवासी रैयत से खरीदी गई थी और इसके बदले करीब डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए थे। उनका कहना है कि जमीन की खरीद-बिक्री आपसी सहमति से हुई थी और वे कानूनी रूप से वहां रह रहे थे। हालांकि बाद में जमीन के मूल मालिक ने मामला दर्ज कराया और अदालत से दखल-दिहानी का आदेश ले लिया।

रातू रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया
बुधवार को बड़ी संख्या में लोग विरोध में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने रातू रोड कब्रिस्तान के पास टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। इससे रातू रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। खबर लिखे जाने तक प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता जारी थी। प्रभावित परिवारों ने कार्रवाई पर रोक, मामले की दोबारा जांच, मुआवजा और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जमीन के लेन-देन में कोई विवाद था तो इसकी सजा आम लोगों को नहीं मिलनी चाहिए।

अधिकारियों ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील
वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।

 

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