Tej Pratap Yadav: नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के बीच तनातनी? तेज प्रताप के दावे ने बढ़ाई हलचल

तेज प्रताप यादव ने बिहार में सरकार गिरने का दावा ऐसे समय में किया है, जब बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा उर्फ बंटी द्वारा अचानक नामांकन वापस लेने से राज्य की राजनीति में खलबली मची हुई है।

Tej Pratap Yadav

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 10, 2026

Tej Pratap Yadav: बिहार की राजनीति में अचानक हलचल मच गई है। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने एक सनसनीखेज दावा करके सूबे की सियासी फिजाओं में गर्मी पैदा कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा है कि बिहार में एनडीए सरकार का पतन निकट है और राज्य में जल्द ही सत्ता परिवर्तन देखने को मिलेगा। तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

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तेज प्रताप का दावा: “सीएम सम्राट को नीतीश ने लगाई फटकार”

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 की शाम तेज प्रताप यादव ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट किया, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी। उन्होंने दावा किया, “बिहार में बहुत जल्दी सरकार गिरने वाली है। नीतीश कुमार ने सम्राट (उपमुख्यमंत्री) को फटकार लगाई है। मैंने पहले भी इसकी भविष्यवाणी की थी और अब वह सच होने जा रहा है।”

तेज प्रताप ने आगे कहा कि वे फिलहाल वृंदावन में हैं, लेकिन बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों पर उनकी पैनी नजर है। उनका दावा है कि राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और नीतीश कुमार का अपने सहयोगियों के साथ तालमेल बिगड़ता जा रहा है। उनके इस बयान ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के बीच बहस छेड़ दी है।

एनडीए की बैठक और बांकीपुर का ‘पॉलिटिकल ड्रामा’

तेज प्रताप का यह बयान उस समय आया है जब राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए के घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर रणनीति तैयार करना था, क्योंकि यह सीट बीजेपी के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से जुड़ी हुई है।

बैठक के बीच ही खबर आई कि बीजेपी ने जिस उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा ‘बंटी’ को मैदान में उतारा था, उन्होंने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया है। अभिषेक बंटी ने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से मुलाकात की और ‘पारिवारिक कारणों’ का हवाला देते हुए चुनाव न लड़ने की बात कही। नामांकन दाखिल करने के 24 घंटे के भीतर ही इस तरह का कदम उठाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। इसी घटनाक्रम के बीच तेज प्रताप यादव का “सरकार गिरने” वाला बयान राजनीतिक विश्लेषकों के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है।

दावों में कितनी सच्चाई?

हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञ इसे सत्ताधारी गठबंधन को कमजोर करने की एक चाल के रूप में देख रहे हैं। एनडीए के नेताओं ने तेज प्रताप यादव के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल एक राजनीतिक स्टंट करार दिया है। उनका कहना है कि गठबंधन पूरी तरह मजबूत है और ऐसी बातें केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए कही जा रही हैं।

बांकीपुर सीट से नामांकन वापस लेने और तेज प्रताप के इस दावे ने बिहार की राजनीति में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या यह केवल चुनावी शोर है या वास्तव में बिहार की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है। फिलहाल, राज्य का हर राजनीतिक दल और जनता आने वाले दिनों की घटनाओं पर अपनी नजरें टिकाए हुए है।

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