Teeja Pora 2026 : तीजा-पोरा कार्यक्रम में साय का बड़ा ऐलान, सर्व समाज भवन को मिलेंगे 50 लाख

रायपुर के कबीर नगर में तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने सर्व समाज भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही लोकपर्वों को छत्तीसगढ़ की पहचान बताते हुए नई पीढ़ी तक संस्कृति पहुंचाने की जिम्मेदारी पर जोर दिया। अब इस घोषणा का लाभ कब मिलेगा?

Teeja Pora 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 7, 2026

Teeja Pora 2026 : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तीजा पोरा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को इस पारंपरिक पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को भी सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीजा पोरा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और पारिवारिक भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कठिन निर्जला व्रत रखती हैं।

सांस्कृतिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकजुटता

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा पोरा जैसे पारंपरिक आयोजनों से समाज में आपसी मेलजोल, भाईचारा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को उन्होंने आयोजन की सफलता और लोगों की सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना का प्रमाण बताया। उन्होंने मोर माटी संस्कृति आयोजन समिति की भी सराहना की। सीएम के मुताबिक, लोक पर्व केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि वे समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का काम भी करते हैं।

नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने पर जोर

विष्णुदेव साय ने कहा कि आधुनिक दौर में अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना बेहद जरूरी है। यदि समाज अपनी जड़ों और परंपराओं को भूल जाएगा, तो आने वाली पीढ़ियां भी अपनी पहचान से दूर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं और बच्चों को छत्तीसगढ़ की परंपराओं, रीति-रिवाजों और लोक पर्वों को करीब से समझने का अवसर देते हैं। इससे सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

सरकार ने ‘मोदी की गारंटी’ पूरी करने का किया दावा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ को जमीन पर उतारने से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में शांति और विकास की राह में बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना का जिक्र

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के कल्याण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने दावा किया कि योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। सरकार का कहना है कि इस तरह की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने का दावा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप लगाते हुए अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन तथा सेवा सेतु जैसी पहल शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था से सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हुई है और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद मिली है।

रायपुर ग्रामीण के विकास के लिए 50 लाख की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग क्षेत्र की आवश्यकताओं और विकास कार्यों को गति देने में किया जाएगा। घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। स्थानीय स्तर पर इस घोषणा को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तीजा पोरा के सांस्कृतिक आयोजन के बीच हुई इस घोषणा ने कार्यक्रम की राजनीतिक और सामाजिक अहमियत भी बढ़ा दी।

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