शादी से पहले पहुंची टीम, पंजाब में 15 बाल विवाह रोके गए, प्रशासन की सराहनीय पहल

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए अप्रैल 2026 के दौरान राज्यभर में 15 बाल विवाह समय रहते रुकवाए। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इन मामलों में त्वरित हस्तक्षेप से बच्चों का बचपन, उनकी शिक्षा और भविष्य सुरक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रहार है। रोका गया हर बाल विवाह एक बच्चे के सपनों को नई दिशा देने और उसे सुरक्षित बचपन

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Published On :

जून 12, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब सरकार ने बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए अप्रैल 2026 के दौरान राज्यभर में 15 बाल विवाह समय रहते रुकवाए। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इन मामलों में त्वरित हस्तक्षेप से बच्चों का बचपन, उनकी शिक्षा और भविष्य सुरक्षित किया गया।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य पर गंभीर प्रहार है। रोका गया हर बाल विवाह एक बच्चे के सपनों को नई दिशा देने और उसे सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों का स्थान विवाह मंडप में नहीं, बल्कि विद्यालय में है।

महीने में 3000 से अधिक जागरुक कार्यक्रम करवाए
मंत्री के अनुसार, बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अप्रैल माह के दौरान पंजाब में 3000 से अधिक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। स्कूलों, गांवों, आंगनवाड़ी केंद्रों और विभिन्न समुदायों में हुए इन कार्यक्रमों के जरिए अभिभावकों, युवाओं और आम नागरिकों को बाल विवाह के नुकसान तथा बच्चों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाइयां, चाइल्ड वेलफेयर कमेटियां, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। बाल विवाह, बाल शोषण, बाल मजदूरी या बच्चों से जुड़े किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है, जहां से तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने की मांग
डॉ. बलजीत कौर ने पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षकों, धार्मिक एवं सामाजिक नेताओं और आम लोगों से अपील की कि वे बाल विवाह के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी, व्यापक जागरूकता और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर पंजाब बाल विवाह के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और बच्चों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक तथा अवसरों से भरपूर समाज के निर्माण का लक्ष्य हासिल करेगा।

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