Tea Inflation: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही चाय की खपत बढ़ जाती है। ठंड में गरमागरम चाय की चुस्की का मजा अलग ही होता है। लेकिन इस बार चाय प्रेमियों को चाय की चुस्की का मजा महंगा पड़ सकता है। देश की अग्रणी चाय कंपनियों में से एक, टाटा टी, (Tata Tea) अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी में है। टाटा टी भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली चाय है, और इसका यह फैसला चाय की कीमतों को और बढ़ा सकता है।
टाटा टी ने बढ़ाई कीमतें
टाटा टी (Tata Tea) आने वाले कुछ महीनों में अपने चाय उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही है। कंपनी ने यह निर्णय लागत बढ़ने के कारण लिया है, जिसके चलते उसका लाभ मार्जिन प्रभावित हुआ है। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक, सुनील ए डिसूजा ने बताया कि कंपनी की मुनाफे की स्थिति बेहतर नहीं है, और लागत में बढ़ोतरी के कारण कीमतों में इजाफा जरूरी हो गया है।
हालांकि, जुलाई से सितंबर की तिमाही में कंपनी के राजस्व में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन मुनाफे में केवल 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डिसूजा ने कहा कि इस साल चाय की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है, जो आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और उत्पादन में गिरावट के कारण हुई है।
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चाय प्रेमियों के लिए बुरी खबर
इस खबर से चाय प्रेमियों के बीच निराशा फैल सकती है, क्योंकि सर्दियों में चाय की बढ़ती कीमतें जेब पर भारी पड़ सकती हैं। ठंड के मौसम में जब चाय की मांग सबसे अधिक होती है, तब कीमतों में यह बढ़ोतरी आम लोगों के बजट पर असर डाल सकती है। ऐसे में, अब देखना होगा कि अन्य चाय कंपनियां भी इसी राह पर चलती हैं या फिर बाजार में किसी प्रकार की प्रतिस्पर्धा से कीमतों को संतुलित रखा जाता है। लेकिन फिलहाल तो यह सर्दियां चाय के दीवानों के लिए कुछ ज्यादा ही महंगी साबित हो सकती हैं।
चाय उत्पादन में हो रही कमी

टाटा टी का कहना है कि भारत में चाय के उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके साथ ही चाय के निर्यात में बढ़ोतरी से भी आपूर्ति प्रभावित हो रही है। चाय बोर्ड ने इस साल चाय की पत्तियों को तोड़ने का काम सामान्यतया दिसंबर के मध्य के बजाय नवंबर के अंत में ही बंद करने का फैसला किया है। इसका सीधा असर चाय की आपूर्ति पर पड़ेगा, जिससे कीमतें और भी बढ़ने की संभावना है।
टाटा टी की बाजार में हिस्सेदारी
टाटा टी भारत के चाय खुदरा बाजार में लगभग 28 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। कंपनी का सीधा मुकाबला हिंदुस्तान यूनिलीवर से होता है, जो बाजार में बड़ी हिस्सेदारी रखती है। डिसूजा ने बताया कि टाटा टी इस चुनौतीपूर्ण समय में अपने ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रहा है, लेकिन लागत में बढ़ोतरी के चलते कीमतों में बढ़ोतरी आवश्यक हो गई है।
टाटा कंज्यूमर के शेयर में आयी तेजी
इस बीच, टाटा कंज्यूमर के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली है। बुधवार को बीएसई पर टाटा कंज्यूमर के शेयर 1.71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1014.85 रुपए पर बंद हुए। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 1016.85 रुपए के साथ दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। पिछले साल 26 अक्टूबर को कंपनी का शेयर 861.39 रुपए के साथ 52 हफ्तों के निचले स्तर पर था। फिलहाल, कंपनी का मार्केट कैप 1,00,409.62 करोड़ रुपए है।