TCS Nashik Scandal: धर्मांतरण आरोपों के बीच TCS का फैसला, नासिक यूनिट में WFH लागू

नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की यूनिट में जबरन धर्मांतरण, यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों ने पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश पैदा कर दिया है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 16, 2026

TCS Nashik Scandal: महाराष्ट्र के नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की यूनिट में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए कंपनी ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। TCS ने अपनी नासिक बीपीओ (BPO) शाखा के सभी 150 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) पर भेज दिया है।

हमारे प्रयास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया मातृसत्ता से जुड़ने का रास्ता

ऑफिस परिसर से काम पर पूरी तरह रोक

कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब कोई भी ऑपरेशन ऑफिस की मुख्य बिल्डिंग से संचालित नहीं किया जाएगा। कंपनी के उच्च प्रबंधन ने HR विभाग और स्थानीय ऑफिस मैनेजमेंट को निर्देश दिया है कि इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। यह फैसला तब आया है जब कंपनी के भीतर चल रहे कथित ‘धर्मांतरण सिंडिकेट’ की खबरें नेशनल मीडिया की सुर्खियां बन गईं।

धर्मांतरण और प्रताड़ना के खौफनाक आरोप

यह पूरा मामला मार्च 2026 में तब शुरू हुआ जब पुलिस में कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। हिंदू कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के कुछ मुस्लिम सहकर्मी और विशेष रूप से एक महिला HR अधिकारी उन पर इस्लाम अपनाने के लिए मानसिक और शारीरिक दबाव बना रहे थे। पीड़ितों का दावा है कि उन्हें नमाज पढ़ने, गोमांस (Beef) खाने और अपने धर्म के अपमान के लिए मजबूर किया गया। मना करने पर नौकरी से निकालने और करियर बर्बाद करने की धमकियां दी गईं।

मामले ने तब और भी वीभत्स रूप ले लिया जब कई महिला कर्मचारियों ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि महिला कर्मियों के निजी वीडियो और फोटो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया गया और धर्म परिवर्तन न करने पर इन्हें वायरल करने की धमकी दी गई।

‘मास्टरमाइंड’ और विदेशी कनेक्शन

पुलिस जांच और SIT (विशेष जांच दल) की पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
कंपनी की HR एग्जीक्यूटिव निदा खान को इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पीड़ितों की शिकायतों को दबाया और आरोपियों को संरक्षण दिया। अब तक इस मामले में 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने सहायक महाप्रबंधक (HR) और टीम लीडर समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस को जांच के दौरान इस गिरोह के तार मलेशिया से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। बैंक रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप चैट में ‘इमरान’ नामक एक संदिग्ध व्यक्ति का नाम सामने आया है, जो वीडियो कॉल के जरिए कर्मचारियों का ब्रेनवाश करता था।

महाराष्ट्र सरकार की सख्त कार्रवाई

महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील माना है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जो इस बात की जांच कर रहा है कि क्या यह केवल एक ऑफिस का मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण रैकेट काम कर रहा है।

Women Reservation Bill: गिरिराज सिंह के बयान से मचा हंगामा, महिला आरक्षण पर गरमाई राजनीति