Tarique Rahman Oath: बांग्लादेश में हाल ही में हुए चुनाव में बीएनपी की बंपर जीत के बाद इसके अध्यक्ष तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनका शपथग्रहण समारोह 17 फरवरी 2025 को ढाका में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी शपथग्रहण में शामिल होंगे।
बीएनपी के नेता एएनएम एहसानुल हक मिलन ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस समारोह में आमंत्रित करने की मांग की थी। हालांकि, पीएम मोदी का कार्यक्रम उसी दिन मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के कारण शपथग्रहण में उपस्थित नहीं रह पाएंगे।
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शपथग्रहण समारोह का विशेष आयोजन
आपको बता दें कि, बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन 17 फरवरी राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा दिलचस्प है कि अब तक बांग्लादेश में शपथग्रहण समारोह आमतौर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होते रहे हैं। इस बार का स्थान बदलने का निर्णय राजनीतिक और सुरक्षा कारणों से लिया गया है। शपथग्रहण समारोह में उपस्थित होने वाले प्रतिनिधियों में भारत के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे।
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में नया मोड़

बीएनपी के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश ने भारत के साथ संबंधों को पुनः सुदृढ़ करने की इच्छा जताई है। तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों को पारस्परिक लाभ और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को बांग्लादेश की नई राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करना होगा, क्योंकि जनता ने बीएनपी को स्पष्ट जनादेश दिया है। हुमायूं कबीर ने शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 के जनविद्रोह के बाद शेख हसीना को भारत जाने की अनुमति दी गई और उन्होंने देश में 1,500 से अधिक मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।
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शेख हसीना और अवामी लीग पर सलाह
तारिक रहमान के सलाहकार ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश की स्थिरता को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल न हो। इसके तहत शेख हसीना या अवामी लीग के अन्य नेताओं को भारत में कोई राजनीतिक या सैन्य सहायता देने से बचने की सलाह दी गई।
हुमायूं कबीर ने जोर देकर कहा कि इन मुद्दों के समाधान के बाद ही सामान्य राजनयिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को फिर से सुदृढ़ किया जा सकता है। उनका मानना है कि दोनों देश पड़ोसी हैं और पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग आवश्यक है।
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