Tarique Rahman: भारत सरकार ने पुष्टि की है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला 17 फरवरी 2025 को ढाका में होने वाले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करेंगे। इस कदम को दोनों देशों के बीच मजबूत लोकतांत्रिक और मित्रवत रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह का महत्व
बांग्लादेश के राष्ट्रपति इस अवसर पर नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में नई सरकार को शपथ दिलाएंगे। इस समारोह में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने चीन, सऊदी अरब, तुर्की, भारत, पाकिस्तान, UAE, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान सहित 13 देशों के नेताओं को आमंत्रित किया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि स्पीकर का शामिल होना भारत-बांग्लादेश के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थायी दोस्ती को दर्शाता है। यह समारोह दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का अवसर भी है।
BNP की चुनावी जीत और भारत के प्रति दृष्टिकोण

BNP ने फरवरी 2026 के आम चुनावों में भारी बहुमत हासिल किया, जिसमें 300 सीटों वाली संसद में 151 से अधिक सीटें BNP के खाते में गईं। यह पहला चुनाव था जो अगस्त 2024 के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ। पार्टी के नेतृत्व में तारिक रहमान प्रधानमंत्री चुने गए। इस जीत ने बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव और लोकतांत्रिक नवीनीकरण की दिशा में बड़ी उम्मीदें पैदा की हैं।
BNP के वरिष्ठ नेता ANM एहसानुल हक मिलन ने कहा कि भारत को शपथ ग्रहण में बुलाना लोकतांत्रिक सहयोग और “सभी के दोस्त, किसी से कोई दुश्मनी नहीं” के दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि BNP भारत के साथ पारस्परिक सम्मान और साझेदारी के आधार पर काम करना चाहती है।
पावरफुल शख्सियतें और नाबालिग लड़कियां: एपस्टीन के घातक काले कारनामों का पर्दाफाश
भारत-बांग्लादेश संबंधों में रणनीतिक संदेश
BNP ने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बधाई संदेश का आभार जताया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत की सराहना और समर्थन बांग्लादेश में लोकतंत्र और विकास को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। BNP ने आने वाले वर्षों में नई दिल्ली के साथ सहयोग और विभिन्न क्षेत्रीय मुद्दों पर सामंजस्य स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई। MEA के अनुसार, ओम बिरला का प्रतिनिधित्व भारत की ओर से दोस्ताना और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण का संदेश है। यह कदम राजनीतिक स्थिरता, साझा विकास और क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
Khatu Shyam Ji Mandir: पाकिस्तान में भी मौजूद हैं बाबा खाटू श्याम, वायरल हो रहा वीडियो









