नल से जल : ग्रामीण जीवन में आए बदलाव परखेंगे विवि, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं

हर घर जल योजना से स्वास्थ्य सुधरा, पढ़ाई बेहतर हुई और महिलाओं को मिली नई ऊर्जा लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी समेत 11 मंडलों में चल रही इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मण्डलों में भी जल्द किया जाएगा प्रभाव का आकलन बुंदेलखंड में आए सकारात्मक नतीजों का अध्ययन करेगी आईआईटी मद्रास की टीम लखनऊ, जल जीवन मिशन के तहत लागू ‘हर घर जल’ योजना से ग्रामीण इलाकों में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाकर रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा रहा है। अब इस बदलाव की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों

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Published On :

जनवरी 16, 2026

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हर घर जल योजना से स्वास्थ्य सुधरा, पढ़ाई बेहतर हुई और महिलाओं को मिली नई ऊर्जा

लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी समेत 11 मंडलों में चल रही इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया

मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मण्डलों में भी जल्द किया जाएगा प्रभाव का आकलन

बुंदेलखंड में आए सकारात्मक नतीजों का अध्ययन करेगी आईआईटी मद्रास की टीम

लखनऊ,

जल जीवन मिशन के तहत लागू ‘हर घर जल’ योजना से ग्रामीण इलाकों में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाकर रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा रहा है। अब इस बदलाव की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से प्रभाव आकलन (इंपैक्ट असेसमेंट) कराया जाएगा। लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी समेत 11 मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र में यह जिम्मेदारी आईआईटी मद्रास को दिए जाने की तैयारी है। मुरादाबाद, आगरा, मेरठ तथा देवीपाटन मण्डलों में प्रभाव का आंकलन केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कराने की योजना है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मिला अवसर
पाइप से पेयजल योजना के जरिए शुद्ध पानी मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य स्तर बेहतर हुआ है। बच्चों की शिक्षा में निरंतरता आई है और रोजगार के लिए होने वाला प्रवासन घटा है। सबसे अहम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। आईआईटी मद्रास की टीम इन सभी प्रभावों का धरातल पर आकलन करेगी। इसके लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से अनुरोध किया गया है।

इससे पहले झांसी और चित्रकूट मण्डल में कराए गए इंपैक्ट असेसमेंट में भी यही सामने आया कि नल से जल ने ग्रामीण परिवारों की दिनचर्या आसान बनाई है। गोरखपुर मण्डल में हुए अध्ययन में भी शुद्ध पेयजल आपूर्ति का सकारात्मक सामाजिक असर दर्ज किए गए हैं। बुंदेलखंड के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी योजना के प्रभाव को परखा जा रहा है। अयोध्या, बस्ती, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर, आजमगढ़ और मिर्जापुर मण्डलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है।

यहां जल्द शुरु होगा अभियान
मुरादाबाद, आगरा, मेरठ व देवीपाटन मण्डलों के लिए केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों तथा अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्थाओं से आकलन कराने का अनुरोध किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत कराया जा रहे व्यापक इंपैक्ट असेसमेंट से यह भी पता चल सकेगा कि नल से आया जल सिर्फ सुविधा बना या ग्रामीण बदलाव की असली धारा।

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