Tamil Nadu Factory Blast: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से एक बेहद दर्दनाक और भीषण औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार तड़के गुमिडिपुंडी औद्योगिक क्षेत्र (SIPCOT) स्थित एक निजी स्टील पिघलाने वाली फैक्ट्री (मेटल स्मेल्टिंग यूनिट) में अचानक एक विशाल बॉयलर फर्नेस जोरदार धमाके के साथ फट गया। बॉयलर ब्लास्ट इतना भयानक था कि पूरी फैक्ट्री में भीषण आग लग गई और इसकी चपेट में आने से कई मजदूर मलबे और धधकते लोहे के बीच फंस गए।
इस दिल दहला देने वाले हादसे में बिहार के रहने वाले 24 वर्षीय युवा श्रमिक रवि रंजन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतक का शरीर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और घटनास्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर उनका एक कटा हुआ हाथ बरामद हुआ। इस हादसे में सात अन्य प्रवासी कर्मचारी भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
Delhi Bulldozer Action: बीच सड़क बनी मजार हटाई, पीतमपुरा में प्रशासन का बड़ा कदम
स्टील पिघलाने के दौरान हुआ जोरदार धमाका, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा पार्थ पालयम गांव के पास स्थित गुमिडिपुंडी SIPCOT कॉम्प्लेक्स की स्टील मेल्टिंग यूनिट में मंगलवार तड़के हुआ। उस समय फैक्ट्री में रोजाना की तरह भट्टी में स्टील पिघलाने का बेहद संवेदनशील काम चल रहा था। तभी अचानक अत्यधिक तापमान या तकनीकी खराबी के चलते विशालकाय बॉयलर में जोरदार विस्फोट हो गया।
धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया और फैक्ट्री से धुएं का गुबार उठने लगा। घटना की सूचना मिलते ही गुमिडिपुंडी और सिपकॉट फायर स्टेशन की दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। फायर फाइटर्स ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, जिसके बाद फैक्ट्री के भीतर फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
मध्य प्रदेश और बिहार के 7 मजदूर गंभीर रूप से घायल, इलाज जारी
बॉयलर ब्लास्ट के दौरान भट्टी के पास काम कर रहे कुल सात कर्मचारी आग की लपटों और गर्म पिघले हुए मेटल की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। ये सभी घायल मजदूर बिहार और मध्य प्रदेश के रहने वाले प्रवासी कामगार हैं।
सरकारी अस्पताल में भर्ती: मध्य प्रदेश और बिहार के चार मजदूरों—भूषण कुमार (25), ओम कुमार (22), रंजीत कुमार (35) और सिंबर सिंह (24)—को तुरंत इलाज के लिए गुमिडिपुंडी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया।
निजी अस्पताल में रेफर: बिहार के रहने वाले तीन अन्य घायल मजदूरों—राजा बाबू (26), रणवीर कुमार (26) और फ्रेंड्स कुमार (27)—को चेन्नई के चेंगुनराम स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से प्रिंस कुमार (25) की हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए चेन्नई के एक अन्य सुपर स्पेशलिटी प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
हादसे के कारणों की जांच में जुटा प्रशासन
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक रवि रंजन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय विधिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या फिर यह बॉयलर का कोई तकनीकी फेलियर था।
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, धूल भरी हवाओं के चलते GRAP-1 लागू होने की तैयारी










