Tamil Nadu Exit Poll 2026 : स्टालिन की वापसी के संकेत, विजय की पार्टी ने बिगाड़ा खेल

तमिलनाडु चुनाव के एग्जिट पोल आ चुके हैं! जहाँ अधिकांश पोल स्टालिन की वापसी दिखा रहे हैं, वहीं Axis My India ने जोसेफ विजय की पार्टी TVK को 98-120 सीटें देकर पूरे देश को हैरान कर दिया है। क्या 4 मई को तमिलनाडु में दशकों पुरानी परंपरा टूटेगी और एक नया 'सुपरस्टार' मुख्यमंत्री बनेगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 29, 2026

Tamil Nadu Exit Poll 2026 : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के संपन्न होने के बाद आए ‘मैटराइज’ (Matrize) के एग्जिट पोल ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। चुनावी सर्वेक्षणों के शुरुआती रुझान संकेत दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाला डीएमके+ (DMK+) गठबंधन एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने जा रहा है। हालांकि, अन्नाद्रमुक (AIADMK+) गठबंधन ने इस बार कड़ी टक्कर दी है, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुँचने में वह थोड़ा पीछे रह सकता है। राज्य की 234 विधानसभा सीटों के लिए हुए इस महामुकाबले में जनता ने एक बार फिर द्रविड़ राजनीति के मौजूदा स्वरूप पर भरोसा जताया है, जो स्टालिन की प्रशासनिक पकड़ को और मजबूत बनाता है।

बहुमत का समीकरण: जादुई आंकड़े से आगे निकलता स्टालिन गठबंधन

तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 118 सीटों की आवश्यकता होती है। मैटराइज एग्जिट पोल के अनुसार, डीएमके+ गठबंधन को 122 से 132 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत की रेखा से सुरक्षित रूप से ऊपर है। दूसरी ओर, अन्नाद्रमुक+ गठबंधन को 87 से 100 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। सीटों के इस वितरण से स्पष्ट है कि सत्ता विरोधी लहर के बावजूद स्टालिन अपनी कुर्सी बचाने में सफल होते दिख रहे हैं। हालांकि, डीएमके को 2021 के मुकाबले कुछ सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है, लेकिन गठबंधन की सामूहिक शक्ति उन्हें सत्ता के करीब बनाए हुए है।

वोट शेयर का रोमांचक खेल: बहुत कम है जीत-हार का अंतर

एग्जिट पोल के आंकड़े बताते हैं कि तमिलनाडु की जंग इस बार काफी करीबी रही है। वोट शेयर के मामले में डीएमके+ को 40.3% और अन्नाद्रमुक+ को 37.1% वोट मिलने का अनुमान है। दोनों मुख्य प्रतिद्वंद्वियों के बीच केवल 3.2% वोट शेयर का अंतर है। राजनीति में इतना कम अंतर अक्सर नतीजों को अप्रत्याशित बना देता है। अन्नाद्रमुक को उम्मीद थी कि सरकार के खिलाफ असंतोष उन्हें सत्ता के करीब लाएगा, लेकिन वोट शेयर में मामूली बढ़त न मिल पाने के कारण वे बहुमत से दूर रह सकते हैं। यह दर्शाता है कि राज्य का मतदाता अभी भी दो बड़े द्रविड़ धड़ों के बीच बंटा हुआ है।

विजय की पार्टी TVK का ‘किंगमेकर’ उदय: 17.5% वोट शेयर से मचाया तहलका

इस चुनाव की सबसे बड़ी सुर्खी सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) रही है। अपने पहले ही बड़े चुनाव में टीवीके ने 17.5% वोट शेयर हासिल कर राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है। एग्जिट पोल के मुताबिक विजय की पार्टी 10 से 12 सीटें जीत सकती है। भले ही सीटों की संख्या कम लगे, लेकिन 17.5% का भारी-भरकम वोट शेयर यह साबित करता है कि विजय ने अन्नाद्रमुक और डीएमके, दोनों के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि विजय मैदान में न होते, तो अन्नाद्रमुक का प्रदर्शन काफी बेहतर हो सकता था।

सत्ता विरोधी लहर बनाम स्टालिन का नेतृत्व

एग्जिट पोल के नतीजों से साफ है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी योजनाओं और विरासत के दम पर सत्ता में वापसी करने के लिए तैयार हैं। हालांकि अन्नाद्रमुक के लिए यह नतीजे थोड़े निराशाजनक हो सकते हैं, क्योंकि वे सत्ता में लौटने की पूरी उम्मीद लगाए बैठे थे। विजय की पार्टी के उभरने ने तमिलनाडु की राजनीति को ‘त्रिकोणीय’ बनाने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है। यह 17.5% वोट बैंक भविष्य के चुनावों में डीएमके और अन्नाद्रमुक दोनों के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा।

4 मई का इंतजार: असली नतीजों पर टिकी सबकी नजरें

एग्जिट पोल के अनुमानों ने जहां डीएमके खेमे में खुशी की लहर दौड़ाई है, वहीं अन्नाद्रमुक अभी भी अंतिम नतीजों को लेकर आशान्वित है। तमिलनाडु की राजनीति में अक्सर जमीनी लहर और एग्जिट पोल के बीच अंतर देखा गया है। अब सभी की निगाहें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। क्या एमके स्टालिन लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे या कोई बड़ा उलटफेर होगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन विजय की पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तमिलनाडु की भविष्य की राजनीति अब केवल दो दलों तक सीमित नहीं रहने वाली है।