Tamil Nadu Election 2026 : डीएमडीके ने बदला पाला, अब एमके स्टालिन की डीएमके के साथ लड़ाएगी चुनाव

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एक ऐसी खबर आई है जिसने विपक्ष की नींद उड़ा दी है। डीएमडीके ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अब एमके स्टालिन की डीएमके के साथ जाने का ऐलान कर दिया है। इस एक फैसले ने क्या तमिलनाडु की सत्ता की चाबी स्टालिन को थमा दी है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 19, 2026

Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य का सियासी पारा चढ़ने लगा है। इस कड़ी में सबसे बड़ा बदलाव दिवंगत अभिनेता विजयकांत द्वारा स्थापित पार्टी डीएमडीके (DMDK) ने किया है। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए डीएमडीके ने विपक्षी खेमे को छोड़कर सत्ताधारी पार्टी डीएमके (DMK) के साथ गठबंधन करने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। यह फैसला राज्य की राजनीति में इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव 2024 में डीएमडीके ने एआईडीएमके (AIADMK) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। दो साल के भीतर पार्टी का यह ‘यू-टर्न’ तमिलनाडु की चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

बीते चुनावों का प्रदर्शन: अस्तित्व बचाने की बड़ी चुनौती

डीएमडीके के लिए पिछला कुछ समय राजनीतिक रूप से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने किसी भी बड़े गठबंधन का हिस्सा न बनते हुए अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया था, लेकिन उसे एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई। इसके बाद, 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी स्थिति सुधारने के लिए पार्टी एआईडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हुई और पांच सीटों पर किस्मत आजमाई। हालांकि, वहां भी पार्टी को खाली हाथ रहना पड़ा। लगातार मिल रही हार के बाद, पार्टी नेतृत्व ने महसूस किया कि राज्य की सत्ता में वापसी और संगठन को मजबूती देने के लिए सत्ताधारी गठबंधन (DMK) का हिस्सा बनना ही सबसे व्यवहारिक विकल्प है।

प्रेमलता विजयकांत का बड़ा बयान: कैडर की इच्छा और पुरानी यादें

चेन्नई में मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाकात के बाद डीएमडीके की महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने इस नए गठबंधन की आधिकारिक पुष्टि की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “हमने डीएमके के साथ गठबंधन करने का निर्णय लिया है। हमारी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता और कैडर भी यही चाहते थे।” उन्होंने आगे कहा कि यह गठबंधन तब बन जाना चाहिए था जब ‘कैप्टन’ विजयकांत जीवित थे। प्रेमलता के इस बयान से साफ है कि पार्टी अब अपनी पुरानी राजनीतिक जड़ों की ओर लौटकर एक नई शुरुआत करना चाहती है।

सीटों के बंटवारे पर मंथन: इलेक्शन कमेटी करेगी अंतिम फैसला

गठबंधन के ऐलान के बाद अब सबकी नजरें सीटों के बंटवारे (Seat Sharing) पर टिकी हैं। प्रेमलता विजयकांत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल गठबंधन तय हुआ है, लेकिन कितनी सीटों पर डीएमडीके चुनाव लड़ेगी, इसका फैसला दोनों पार्टियों की इलेक्शन कमेटी बनने के बाद आपसी बातचीत से लिया जाएगा। माना जा रहा है कि डीएमके अपने छोटे सहयोगियों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रही है ताकि एआईडीएमके और भाजपा के प्रभाव को कम किया जा सके। डीएमडीके के आने से डीएमके गठबंधन को उत्तरी तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त बढ़त मिलने की उम्मीद है।

विधानसभा चुनाव 2026: एक नई कूटनीतिक शुरुआत

तमिलनाडु का आगामी चुनाव त्रिकोणीय होने की संभावना है, जहां एक तरफ डीएमके और उसके सहयोगी हैं, दूसरी तरफ एआईडीएमके और तीसरी ओर भाजपा अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में डीएमडीके जैसी पार्टी का सत्ताधारी गठबंधन में शामिल होना यह संकेत देता है कि छोटे दल अब जीत की गारंटी वाले पाले में खड़े होना पसंद कर रहे हैं। विजयकांत की विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रेमलता अब स्टालिन के नेतृत्व में अपनी पार्टी के खोए हुए जनाधार को वापस पाने की कोशिश करेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया गठबंधन चुनावी नतीजों में कितनी सीटों की तब्दीली लाता है।

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