Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में अभूतपूर्व सरगर्मी देखी जा रही है। इसी क्रम में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज अपने 27 उम्मीदवारों की पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस की इस घोषणा से कुछ ही समय पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी अपने 27 प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक किए थे। तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए होने वाला यह मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय पार्टियां भी अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं।
कांग्रेस की रणनीति: अनुभवी चेहरों और मौजूदा विधायकों पर भरोसा
कांग्रेस पार्टी ने अपनी पहली सूची में अनुभव और जीत की संभावनाओं को प्राथमिकता दी है। पार्टी ने उन निर्वाचन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है जहां उसका संगठनात्मक ढांचा मजबूत है। 27 उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक समीकरणों और पिछले प्रदर्शन को आधार बनाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ समन्वय बिठाते हुए उन सीटों पर दांव खेला है जहां बीजेपी या अन्य विपक्षी दलों से सीधा मुकाबला होने की उम्मीद है। यह सूची दर्शाती है कि पार्टी तमिलनाडु में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागई फिर श्रीपेरंबदूर के रण में
कांग्रेस की इस सूची का सबसे प्रमुख नाम प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागई का है। पार्टी ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें श्रीपेरंबदूर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा है। सेल्वापेरुन्थागई का इस सीट पर मजबूत दबदबा माना जाता है। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से एआईएडीएमके (AIADMK) के उम्मीदवार के. पलानी को लगभग 11,000 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी। पार्टी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व और व्यक्तिगत लोकप्रियता का लाभ न केवल श्रीपेरंबदूर में, बल्कि पूरे राज्य के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मिलेगा।
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प्रमुख उम्मीदवारों की दावेदारी: पोन्नेरी से वेलाचेरी तक की घेराबंदी
सूची में अन्य बड़े नामों की बात करें तो कांग्रेस ने पोन्नेरी सुरक्षित सीट से अपने वरिष्ठ नेता और वर्तमान विधायक दुरई चंद्रशेखर को फिर से टिकट दिया है। वहीं, चेन्नई की महत्वपूर्ण वेलाचेरी सीट से जेएमएच आसन मौलाना को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, कृष्णागिरी से डॉ. ए. चेल्ला कुमार, शोलिंगुर से ए.एम. मुनिराथिनम और उथंगराई से आर. कुप्पू सामी को चुनावी मैदान में उतारा गया है। इन उम्मीदवारों का अपने-अपने क्षेत्रों में गहरा प्रभाव है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बढ़ गए हैं।
बीजेपी बनाम कांग्रेस: राष्ट्रीय दलों के बीच सीधी टक्कर की बिसात
तमिलनाडु में इस बार का चुनाव केवल स्थानीय दलों तक सीमित नहीं रह गया है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही बराबर संख्या में (27-27) उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर यह संकेत दे दिया है कि वे राज्य की राजनीति में अपनी भूमिका को विस्तार देना चाहती हैं। जहां एक ओर बीजेपी हिंदुत्व और विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है, वहीं कांग्रेस सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय स्वायत्तता के मुद्दों को हवा दे रही है। मतदाता अब इस बात का फैसला करेंगे कि वे द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक स्वरूप के साथ जाते हैं या राष्ट्रीय दलों के नए विकल्पों को चुनते हैं। आने वाले दिनों में गठबंधन के अन्य साथियों की सूचियां आने के बाद चुनावी तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाएगी।










