Tamil Nadu Election 2026 : तमिलनाडु की राजनीति में 2026 का विधानसभा चुनाव एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के अपने प्रमुख सहयोगी दल AIADMK के साथ सीट-शेयरिंग समझौते को अंतिम रूप देते हुए 27 विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। राज्य की राजनीतिक जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बीजेपी ने इस बार बेहद सधी हुई रणनीति अपनाई है। पार्टी ने शहरी, पश्चिमी और दक्षिणी तमिलनाडु के उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जहां उसकी संगठनात्मक स्थिति पहले से बेहतर हुई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में 23 अप्रैल 2026 को मतदान होगा, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई 2026 को की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन पर बड़ा दांव: अविनासी से ठोकेंगे ताल
बीजेपी के केंद्रीय राज्य मंत्री और तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष एल. मुरुगन को पार्टी ने अविनासी (SC) सुरक्षित सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। मुरुगन को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने पश्चिमी तमिलनाडु के दलित मतदाताओं और कोंगु बेल्ट में अपना प्रभाव बढ़ाने का स्पष्ट संकेत दिया है। दिल्ली की राजनीति से सीधे राज्य के विधानसभा चुनाव में उतरना यह दर्शाता है कि बीजेपी राज्य विधानसभा में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए अपने सबसे कद्दावर चेहरों को पीछे नहीं रखना चाहती।
के. अन्नामलाई की नई भूमिका: चुनावी मैदान से दूर, कमान हाथों में
इस सूची की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तमिलनाडु बीजेपी के सबसे चर्चित चेहरों में से एक, के. अन्नामलाई का नाम उम्मीदवारों की लिस्ट में नहीं है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई चुनाव लड़ने के बजाय पूरे राज्य में गठबंधन के पक्ष में प्रचार करने और चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी का मानना है कि अन्नामलाई की आक्रामक शैली और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का उपयोग किसी एक सीट तक सीमित रहने के बजाय सभी 234 सीटों पर प्रचार के लिए करना अधिक फायदेमंद होगा।
राजभवन से रणभूमि तक: तमिलिसाई सुंदरराजन की मायलापुर से दावेदारी
तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ नेता डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन की सक्रिय राजनीति में वापसी ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। उन्हें चेन्नई की प्रतिष्ठित मायलापुर विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है। मायलापुर को बौद्धिक और शहरी मतदाताओं का गढ़ माना जाता है, और तमिलिसाई की सौम्य छवि व प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए पार्टी को यहां बड़ी जीत की उम्मीद है। वह राज्य में महिला सशक्तिकरण का चेहरा बनकर भी उभर रही हैं।
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अनुभवी चेहरों और महिला शक्ति का समावेश
बीजेपी की 27 सीटों की इस सूची में अनुभव और ऊर्जा का अनूठा मिश्रण देखने को मिल रहा है। कोयंबटूर नॉर्थ से वानती श्रीनिवासन अपनी सीट बचाने के लिए दोबारा मैदान में हैं, जबकि सत्तूर से नैनार नागेंद्रन और नागरकोइल से वरिष्ठ नेता एम.आर. गांधी को उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस से बीजेपी में आईं विजयधारणी को विलावनकोड से टिकट देकर पार्टी ने कन्याकुमारी जिले में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश की है। इसके अतिरिक्त, कीर्तिका शिवकुमार और कविता श्रीकांत जैसी महिला नेताओं को शामिल कर बीजेपी ने आधी आबादी को साधने का प्रयास किया है।
बीजेपी की रणनीतिक किलेबंदी: मुख्य उम्मीदवारों पर एक नजर
पार्टी ने अवाड़ी से एम. राजसिंह महिंद्रा और तिरुवन्नामलाई से सी. एलुमलाई जैसे स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली नेताओं को मौका दिया है। 27 सीटों का यह चयन दर्शाता है कि बीजेपी इस बार ‘क्वालिटी ओवर क्वांटिटी’ के सिद्धांत पर काम कर रही है, ताकि गठबंधन के भीतर स्ट्राइक रेट को अधिकतम किया जा सके।










