Tamil Nadu Election 2026: AIADMK की पहली लिस्ट जारी, एडप्पादी से मैदान में उतरेंगे पलानीस्वामी, देखें 23 दिग्गजों के नाम

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए AIADMK ने 23 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सबको चौंका दिया है। पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने खुद अपनी पारंपरिक सीट एडप्पादी से ताल ठोकने का फैसला किया है। इस लिस्ट में अनुभवी चेहरों को तरजीह देकर ईपीएस ने सत्ता वापसी का क्या मास्टर प्लान बनाया है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 25, 2026

Tamil Nadu Election 2026:  तमिलनाडु की सियासत में विधानसभा चुनाव 2026 का बिगुल बज चुका है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके (AIADMK) ने अपनी चुनावी बिसात बिछाते हुए 23 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची के साथ ही यह साफ हो गया है कि पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) एक बार फिर अपने पुराने और भरोसेमंद गढ़ से ही चुनावी मैदान में उतरेंगे। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए राजनीतिक सरगर्मियां अब अपने चरम पर हैं।

के. पलानीस्वामी का एडप्पादी पर भरोसा बरकरार

एआईएडीएमके के महासचिव और विधानसभा में विपक्ष के नेता के. पलानीस्वामी ने एक बार फिर सलेम जिले की अपनी पारंपरिक सीट ‘एडप्पादी’ से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। यह क्षेत्र पलानीस्वामी का मजबूत किला माना जाता है, जहाँ से उन्होंने बार-बार जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाया है। पहली सूची में खुद का नाम सबसे ऊपर रखकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि वे फ्रंट फुट पर रहकर गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।

अनुभवी चेहरों और क्षेत्रीय क्षत्रपों पर बड़ा दांव

पार्टी ने अपनी पहली सूची में किसी भी तरह का प्रयोग करने के बजाय अपने पुराने और कद्दावर नेताओं पर ही भरोसा जताया है। चेन्नई के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री डी. जयकुमार को उत्तरी चेन्नई की ‘रॉयपुरम’ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह, राज्यसभा सांसद सी. वी. शनमुगम को विल्लुपुरम जिले के ‘मैलम’ से टिकट दिया गया है। पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं में एस.पी. वेलुमणि को ‘थोंडामुथुर’ और आर.बी. उदयकुमार को ‘तिरुमंगलम’ से मैदान में उतारा गया है। एआईएडीएमके की यह रणनीति दर्शाती है कि वह अपने ‘क्षेत्रीय क्षत्रपों’ के प्रभाव का पूरा लाभ उठाना चाहती है।

विवादास्पद उम्मीदवारों को टिकट मिलने से गरमाई राजनीति

एआईएडीएमके की इस पहली सूची ने राज्य में राजनीतिक विवाद भी पैदा कर दिया है। पार्टी ने उन नेताओं को भी चुनावी मैदान में उतारने से परहेज नहीं किया है, जो भ्रष्टाचार और विभिन्न घोटालों के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। विरुधुनगर के नेता के.टी. राजेंद्र बालाजी, जिन्हें जॉब रैकेट घोटाले में आरोपी बनाया गया था, उन्हें ‘शिवकाशी’ से टिकट मिला है। इसके अलावा, आय से अधिक संपत्ति के मामले में डीवीएसी (DVAC) की जांच झेल रहे पूर्व मंत्री के.सी. वीरमणि और सी. विजयभास्कर (विरालीमलाई) को भी दोबारा मौका दिया गया है। विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि उनके लिए ‘जिताऊ क्षमता’ सबसे ऊपर है।

गठबंधन का गणित: भाजपा को मिलीं 27 सीटें

सीटों के बंटवारे को लेकर भी स्थिति अब काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले इस गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 27 सीटें आवंटित की गई हैं। वहीं, अन्य सहयोगी दलों में पीएमके (PMK) को 18 सीटें और एएमएमके (AMMK) को 11 सीटें दी गई हैं। 234 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में अधिकतम सीटों पर एआईएडीएमके खुद चुनाव लड़ रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि गठबंधन की ड्राइविंग सीट पर पूरी तरह से के. पलानीस्वामी का ही नियंत्रण है।

कड़ी चुनौती की ओर तमिलनाडु की जंग

तमिलनाडु का 2026 का चुनाव न केवल सत्ता की लड़ाई है, बल्कि यह अन्नाद्रमुक (AIADMK) के लिए अपने अस्तित्व और वर्चस्व को साबित करने की अग्निपरीक्षा भी है। अनुभवी नेताओं को मैदान में उतारकर पलानीस्वामी ने एक सुरक्षित लेकिन आक्रामक शुरुआत की है। अब देखना यह होगा कि भ्रष्टाचार के आरोपों और सहयोगियों के साथ तालमेल के बीच यह पार्टी सत्ताधारी दल को कितनी कड़ी टक्कर दे पाती है।

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