Taliban Revenge: अस्पताल में बिछी 400 लाशें, अब बंदूक से हिसाब चुकता करेगा तालिबान!

काबुल के अस्पताल में हुई 400 बेगुनाहों की मौत ने पूरे अफगानिस्तान को झकझोर दिया है। अब तालिबानी नेताओं ने सीधे तौर पर पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए 'बंदूक से बदला' लेने की कसम खाई है। क्या यह दक्षिण एशिया में एक बड़े युद्ध की शुरुआत है? जानिए तालिबान का अगला खौफनाक कदम।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 17, 2026

Taliban Revenge: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा किए गए कथित हवाई हमले ने भारी तबाही मचाई है। इस हमले में एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने न केवल अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अफगान तालिबान ने इस हमले को ‘अक्षम्य अपराध’ बताते हुए जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है।

तालिबान का कड़ा रुख: ‘अब बातचीत का समय समाप्त हुआ’

हमले के तुरंत बाद अफगान तालिबान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। तालिबान नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान की इस कायराना हरकत के बाद अब राजनयिक समाधान या बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। तालिबान के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक संयम बरता, लेकिन निहत्थे मरीजों और नागरिकों पर हमला करके पाकिस्तान ने रेड लाइन पार कर दी है। अब दोनों देशों के बीच कूटनीति के बजाय सैन्य शक्ति के माध्यम से संवाद होने के संकेत मिल रहे हैं।

सुहेल शाहीन की वैश्विक अपील: ‘दुनिया आकर सच देखे’

तालिबान के वरिष्ठ नेता सुहेल शाहीन ने पाकिस्तान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि हमला आतंकी ठिकानों पर किया गया था। शाहीन ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और संयुक्त राष्ट्र (UN) से अपील की है कि वे स्वयं काबुल आकर जमीनी हकीकत का मुआयना करें। उन्होंने कहा कि अस्पताल की नष्ट हुई इमारत और वहां बिखरे शव इस बात का सबूत हैं कि निशाना आतंकी नहीं, बल्कि इलाज करा रहे मरीज और चिकित्सा कर्मी थे। शाहीन ने इसे 21वीं सदी का बड़ा नरसंहार करार देते हुए वैश्विक समुदाय की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

जबीहुल्लाह मुजाहिद का पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी सेना पर जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुष्टि की कि हमले में मरने वालों का आंकड़ा 400 के पार पहुँच गया है और 250 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मुजाहिद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस्लामाबाद को इस ‘रक्तपात’ की भारी कीमत चुकानी होगी। उनके अनुसार, अफगान रक्षा बल अब किसी भी समय पाकिस्तान की सीमा के भीतर जवाबी सैन्य कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं।

अस्पताल में मलबे का ढेर: 2,000 बेड वाली इमारत जमींदोज

तालिबान सरकार के उपप्रवक्ता मुल्ला हमदुल्ला फितरत ने हमले के विवरण साझा करते हुए बताया कि सोमवार रात करीब 9 बजे, जब मरीज सो रहे थे, तब पाकिस्तानी विमानों ने 2,000 बेड वाले इस विशाल नशा मुक्ति केंद्र पर बमबारी की। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि अस्पताल का मुख्य हिस्सा पूरी तरह जमींदोज हो गया। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं, और मलबे के नीचे दबे लोगों की संख्या को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

पाकिस्तान का बचाव: ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ का दावा

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अस्पताल को निशाना बनाने के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। पाकिस्तानी रक्षा सूत्रों और मीडिया के अनुसार, उनकी सेना ने “ऑपरेशन गजब लिल-हक” के तहत काबुल और नंगरहार प्रांतों में केवल सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया है। पाकिस्तान का दावा है कि उन्होंने उन वर्कशॉप्स को तबाह किया है जहाँ ड्रोन असेंबल किए जा रहे थे और हथियारों का भंडारण किया गया था। इस्लामाबाद का तर्क है कि ये ठिकाने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे।

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