तंत्र की नाकामी: उपचार के अभाव में दम तोड़ गया लकड़बग्घा

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरु घासीदास नेशनल पार्क के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते एक लकड़बग्घे की इलाज के अभाव में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह मामला जिले के बिहारपुर क्षेत्र के मकराद्वारी का है, जहां बीमार और घायल अवस्था में लकड़बग्घा जंगल में भटकता हुआ मिला था। बताया जा रहा है कि जंगल में लगी आग के कारण वह अपने प्राकृतिक आवास से बाहर भटक रहा था और बीमार होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। स्थानीय स्तर पर मौजूद वन अमले ने स्थिति

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Published On :

मार्च 23, 2026

सूरजपुर

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरु घासीदास नेशनल पार्क के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते एक लकड़बग्घे की इलाज के अभाव में मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, यह मामला जिले के बिहारपुर क्षेत्र के मकराद्वारी का है, जहां बीमार और घायल अवस्था में लकड़बग्घा जंगल में भटकता हुआ मिला था। बताया जा रहा है कि जंगल में लगी आग के कारण वह अपने प्राकृतिक आवास से बाहर भटक रहा था और बीमार होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।

स्थानीय स्तर पर मौजूद वन अमले ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि वन्यजीव चिकित्सक छुट्टी पर था, लेकिन इसके बावजूद पार्क प्रबंधन द्वारा किसी वैकल्पिक डॉक्टर या इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण लकड़बग्घा तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक महीने पहले इसी नेशनल पार्क में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया था, जिसकी समय पर रेस्क्यू और इलाज नहीं होने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। लगातार वन्यजीवों की मौत के मामलों के बाद अब स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज और बचाव कार्य किया जाता तो इन बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती थी। मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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