West Bengal Election 2026: शुभेंदु अधिकारी की पुलिस को सीधी चेतावनी “थाना इंचार्ज को हटाओ वरना…”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच हावड़ा के बाली में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के रोड शो में भारी हंगामा हुआ। टीएमसी समर्थकों की नारेबाजी के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ तीखी झड़प हुई। शुभेंदु अधिकारी ने इसे गहरी साजिश बताते हुए पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए और थाना प्रभारी को हटाने की मांग की है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 16, 2026

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हावड़ा जिले के बाली इलाके में बुधवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुए टकराव ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में निकाले जा रहे रोड शो के दौरान हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भाजपा रोड शो में टीएमसी समर्थकों का विरोध

बताते चले कि, हावड़ा का बाली इलाका उस समय संघर्ष का केंद्र बन गया जब भाजपा प्रत्याशी संजय सिंह के पक्ष में शुभेंदु अधिकारी का मेगा रोड शो निकाला जा रहा था। जैसे ही रैली आगे बढ़ी, वहां पहले से जमा तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ‘जय बांग्ला’ के नारों के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी के कारण दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसने जल्द ही धक्का-मुक्की और हंगामे का रूप ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विपक्षी नेता को बीच बचाव के लिए खुद कड़ा रुख अपनाना पड़ा।

शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर लगाया साजिश का आरोप

आपको बता दे कि, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें शुभेंदु अधिकारी काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब वे हजारों समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण चुनाव प्रचार कर रहे थे, तब विरोधी दल ने जानबूझकर भड़काऊ हरकतें कीं। अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह चुनावी बाधा उत्पन्न करने की साजिश है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए मांग की कि बाली थाने के प्रभारी (IC) को तुरंत उनके पद से हटाया जाए, क्योंकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

महत्वपूर्ण उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर

गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी खुद इस चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे नंदीग्राम और भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्रों से भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार हैं। ऐसे में उनके प्रचार अभियान के दौरान हुई इस सुरक्षा चूक को भाजपा ने गंभीरता से लिया है। शुभेंदु का मानना है कि सत्ताधारी दल उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर इस तरह के चुनावी अवरोध पैदा करने का प्रयास कर रहा है ताकि मतदाताओं को डराया जा सके।

पहले चरण के लिए अभूतपूर्व सैन्य तैनाती

राज्य में बढ़ती हिंसा और तनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए कमर कस ली है। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से पूरे बंगाल में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कुल 2,407 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। सुरक्षा बलों ने अभी से संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है ताकि आम जनता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पैनी नजर

पश्चिम बंगाल के पिछले चुनावी इतिहास को देखते हुए इस बार प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। शुभेंदु अधिकारी द्वारा बाली थाने के अधिकारी को हटाने की मांग ने स्थानीय पुलिस पर दबाव बढ़ा दिया है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में हावड़ा और आसपास के जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और अधिक पुख्ता किए जाने की उम्मीद है।