Suvendu Adhikari Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड इस भव्य समारोह का साक्षी बना, जहाँं लाखों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (पोचिशे बोइशाख) के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सांस्कृतिक और राजनीतिक संगम की अनूठी मिसाल पेश की। भाजपा की इस विजय ने बंगाल में दशकों पुराने किलों को ध्वस्त करते हुए पूर्ण बहुमत के साथ ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।
कोलकाता में दिग्गजों का जमावड़ा
बताते चले कि, शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह को यादगार बनाने के लिए ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन विशेष रूप से कोलकाता पहुंचे। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत एनडीए शासित 21 राज्यों के मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता इस समारोह में शामिल हुए। भव्य मंच पर जब प्रधानमंत्री और नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री एक साथ दिखे, तो पूरा मैदान ‘जय श्री राम’ और ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष से गूँज उठा।
CM योगी और ‘यूपी टीम’ का बंगाल में शानदार प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्टार प्रचारक’ के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनकी रैलियों में उमड़ी भारी भीड़ ने ही राज्य में बदलाव के संकेत दे दिए थे। आंकड़े गवाह हैं कि सीएम योगी ने बंगाल की जिन 22 महत्वपूर्ण सीटों पर जनसभाएं और रोड शो किए थे, उनमें से 19 सीटों पर भाजपा ने जीत का परचम लहराया है। उनके आक्रामक और स्पष्ट भाषणों ने मतदाताओं के बीच गहरा प्रभाव डाला, जिसका परिणाम आज प्रदेश में भाजपा की पहली सरकार के रूप में सामने आया है।
लखनऊ से कोलकाता तक उत्साह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी इस गौरवशाली क्षण का हिस्सा बनने कोलकाता पहुंचे। भाजपा ने यूपी के उन 54 वरिष्ठ नेताओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया है, जिन्होंने चुनाव के दौरान बंगाल की जमीन पर उतरकर सांगठनिक मजबूती प्रदान की थी। उत्तर प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं की इस बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा के लिए बंगाल की यह जीत राष्ट्रीय स्तर पर कितनी मायने रखती है। यूपी से आए प्रतिनिधियों ने इस जीत को ‘विकासवाद’ की विजय बताया।
बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार
स्वतंत्रता के बाद बंगाल के इतिहास में यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त कर सरकार बनाई है। विधानसभा चुनावों के परिणामों ने भाजपा के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त ऊर्जा भर दी है। कोलकाता की सड़कों से लेकर गांवों के चौराहों तक केवल भगवा रंग नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी की ताजपोशी को ‘बंगाल के पुनर्जागरण’ के रूप में देखा जा रहा है। शासन प्रशासन में पारदर्शिता और ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास मॉडल को लागू करना अब नई सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।










