रेल यात्रा में संदेह: 167 बच्चों को कटनी में रोका गया, मानव तस्करी के एंगल से जांच शुरू

कटनी. बिहार से महाराष्ट्र पटना पुणे एक्सप्रेस से ले जाए जा रहे डेढ़ सौ से अधिक मुस्लिम बच्चों को मानव तस्करी की आशंका पर देर रात कटनी स्टेशन में उतारा गया। बाल कल्याण समिति और रेल पुलिस ने बच्चों को बाल सुरक्षा गृह में ठहराया है और जांच कर रही है। शनिवार की रात को महिला बाल विकास विभाग और आरपीएफ को सामाजिक संगठन से सूचना मिली कि पटना पुणे ट्रेन से बड़ी संख्या 7 से 15 वर्ष के बच्चों को लेकर महाराष्ट्र ले जा रहे है और मानव तस्करी की आशंका है। मामला की गंभीरता को देखते हुए रेलवे

Wrriten By :

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Published On :

अप्रैल 12, 2026

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कटनी.

बिहार से महाराष्ट्र पटना पुणे एक्सप्रेस से ले जाए जा रहे डेढ़ सौ से अधिक मुस्लिम बच्चों को मानव तस्करी की आशंका पर देर रात कटनी स्टेशन में उतारा गया। बाल कल्याण समिति और रेल पुलिस ने बच्चों को बाल सुरक्षा गृह में ठहराया है और जांच कर रही है।

शनिवार की रात को महिला बाल विकास विभाग और आरपीएफ को सामाजिक संगठन से सूचना मिली कि पटना पुणे ट्रेन से बड़ी संख्या 7 से 15 वर्ष के बच्चों को लेकर महाराष्ट्र ले जा रहे है और मानव तस्करी की आशंका है। मामला की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपीएफ, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी और बाल सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के कटनी स्टेशन पहुंचते ही, सभी बच्चों को ट्रेन से नीचे उतारकर अपनी निगरानी में लिया। ट्रेन से 167 बच्चे उतारे गए और उनसे काउंसलिंग की गई।

मदरसे में दाखिला कराने की बात सामने आई
मनीष तिवारी बाल सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ट्रेन से उतारे गए बच्चों में अधिकांश मुस्लिम समुदाय के हैं, जिन्हें बिहार से महाराष्ट्र जाया जा रहा था। बच्चों को ले जाने वालों से दस्तावेज मिले हैं, जिसमें मदरसे में बच्चों का दाखिला कराने की बात सामने आई है। आरपीएफ और बाल सुरक्षा अधिकारी के अलावा बाल विकास कल्याण की टीम मामले की जांच कर रही है।
रात को 80 बच्चों को जबलपुर के बाल गृह और बाकी को कटनी के बाल गृह में रखा गया है। बिहार में जिन क्षेत्रों से बच्चे ले जाए जा रहे थे, वहां से संपर्क किया जा रहा है और उसके बाद वास्तविक बात सामने आ सकेगी।

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