चौथे दौर की बातचीत से पहले बढ़ा सस्पेंस, JPSC-JSSC छात्रों को राजकीय अतिथिशाला जाने से रोका

रांची जेपीएससी वह जेएसएससी सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को सरकार ने सोमवार को दोपहर दो बजे वार्ता के लिए राजकीय अतिथिशाला बुलाया था। छात्र प्रतिनिधिमंडल को अपनी मांगों और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के साथ चर्चा करनी थी। निर्धारित समय के आसपास जिला प्रशासन की ओर से वाहन भेजा गया। 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल वाहन में सवार भी हो गया, लेकिन गाड़ी के रवाना होते ही उसे रुकवा दिया गया। छात्रों को वाहन से उतारकर कुछ अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए फिलहाल इंतजार करने को कहा गया। छात्र प्रतिनिधिमंडल

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 17, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

रांची
जेपीएससी वह जेएसएससी सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को सरकार ने सोमवार को दोपहर दो बजे वार्ता के लिए राजकीय अतिथिशाला बुलाया था। छात्र प्रतिनिधिमंडल को अपनी मांगों और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के साथ चर्चा करनी थी।

निर्धारित समय के आसपास जिला प्रशासन की ओर से वाहन भेजा गया। 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल वाहन में सवार भी हो गया, लेकिन गाड़ी के रवाना होते ही उसे रुकवा दिया गया। छात्रों को वाहन से उतारकर कुछ अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए फिलहाल इंतजार करने को कहा गया।

छात्र प्रतिनिधिमंडल में रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र कुमार रवि, कार्तिक सोरेन, राजेश प्रसाद, उमेश प्रसाद, शशांक कुमार, अंकित कुमार, आनंद कुमार और शालू कुमारी शामिल हैं।

इधर, वार्ता शुरू नहीं होने के कारण छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य फिलहाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में इंतजार कर रहे हैं। जेपीएससी जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से छात्र नेता राधे कुमार ने बताया गया कि सरकार की ओर से वार्ता शुरू होने या आगे की प्रक्रिया के संबंध में आधिकारिक सूचना मिलते ही मीडिया को जानकारी दी जाएगी। छात्रों का कहना है कि वे सरकार के साथ अपनी मांगों पर स्पष्ट और सार्थक वार्ता के लिए तैयार हैं।

तीन दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला रास्ता
छात्रों और सरकार के बीच इससे पहले तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच, परीक्षा रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसी कई अहम मांगों पर अब तक सहमति नहीं बन सकी है।

अब चौथे दौर की वार्ता ऐसे समय हो रही है जब आंदोलनकारी छात्रों ने 18 अगस्त तक अपनी मांगों पर सरकार से स्पष्ट निर्णय लेने की उम्मीद जताई है। इसके बाद 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम घोषित किया गया है।
सरकार की ओर से चार मंत्री, छात्र भी अपनी बात पर अड़े

आज की बैठक में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा छात्रों से बातचीत करेंगे।

वहीं, छात्रों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में अपनी मांगें रखेगा। प्रतिनिधिमंडल में रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र कुमार रवि, कार्तिक सोरेन, राजेश प्रसाद, उमेश प्रसाद, शशांक कुमार, अंकित कुमार, आनंद कुमार और शालू कुमारी शामिल हैं।

बैठक में किन मुद्दों पर फंस सकता है पेंच?
वार्ता में JPSC और JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने, CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं।

छात्र लगातार भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से कुछ मामलों में CID जांच और न्यायिक निगरानी समेत उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है। यही वे मुद्दे हैं जिन पर दोनों पक्षों के बीच अब तक सबसे ज्यादा गतिरोध देखने को मिला है।

चौथे दौर की बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छात्र पहले ही आगे के आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं। यदि आज की बैठक में कोई ठोस सहमति बनती है तो आंदोलन को लेकर नया रास्ता खुल सकता है। लेकिन अगर बातचीत फिर बेनतीजा रहती है तो 20 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास घेराव आंदोलन का अगला बड़ा पड़ाव बन सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है- तीन दौर की बातचीत के बाद क्या चौथी बैठक में सरकार और छात्रों के बीच बात बनेगी, या 20 अगस्त का आंदोलन तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ेगा?

2