World Cup Final Captains :आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ने के लिए टीम इंडिया पूरी तरह तैयार है। इस गौरवशाली सफर का एक बड़ा श्रेय मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव को जाता है। रोहित शर्मा के टी20 प्रारूप से संन्यास लेने के बाद जिम्मेदारी संभालने वाले सूर्या ने अपनी नेतृत्व क्षमता से सबको प्रभावित किया है। इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचते ही सूर्या का नाम अब उन महान भारतीय कप्तानों की सूची में दर्ज हो गया है, जिन्होंने अपनी कप्तानी में तिरंगे को विश्व कप के फाइनल तक पहुंचाया। आइए जानते हैं भारत के उन 5 जांबाज कप्तानों के बारे में जिन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
कपिल देव: 1983 की वो ऐतिहासिक शुरुआत
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कपिल देव का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा है। उन्होंने साल 1983 के वनडे वर्ल्ड कप में अपनी कप्तानी के जरिए टीम इंडिया को पहली बार किसी विश्व कप के फाइनल का स्वाद चखाया था। उस दौर में अजेय मानी जाने वाली वेस्टइंडीज की टीम को हराकर भारत ने अपना पहला विश्व खिताब जीता था। इसी टूर्नामेंट में कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रनों की अविस्मरणीय पारी खेलकर भारत को टूर्नामेंट से बाहर होने से बचाया था, जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
सौरव गांगुली: टीम इंडिया में फूंका जीत का जज्बा
करीब दो दशक के लंबे इंतजार के बाद ‘दादा’ यानी सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदली। 2003 के वनडे वर्ल्ड कप में गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन गांगुली ने इस टूर्नामेंट में तीन शतक जड़कर और टीम में आक्रामकता भरकर एक नई नींव रखी थी, जिसने भारतीय क्रिकेट को विदेशों में जीतना सिखाया।
महेंद्र सिंह धोनी: फाइनल तक ले जाने वाले सबसे सफल सेनापति
टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान कहे जाने वाले एमएस धोनी के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ना किसी भी कप्तान के लिए बड़ी चुनौती होगी। धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने भारत को तीन बार वर्ल्ड कप के फाइनल (2007 टी20, 2011 वनडे और 2014 टी20) में पहुंचाया। उनकी जादुई कप्तानी में भारत ने 2007 का पहला टी20 विश्व कप जीता और फिर 2011 में 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी घर लाई। 2014 में भी उनकी टीम फाइनल तक पहुंची थी, जहाँ उपविजेता रही।
रोहित शर्मा: आक्रामकता और निरंतरता की नई मिसाल
रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट में ‘निडरता’ के नए मानक स्थापित किए। उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार दो साल दो बड़े फाइनल खेले। साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत अजेय रहते हुए फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन दिल टूटने वाली हार मिली। हालांकि, रोहित ने हार नहीं मानी और 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में मात देकर भारत को फिर से ‘विश्व विजेता’ बनाया। रोहित के इसी विरासत को अब सूर्यकुमार यादव आगे बढ़ा रहे हैं।
सूर्यकुमार यादव: 2026 में लगातार दूसरे खिताब की उम्मीद
इस लिस्ट में सबसे नया और चमकता हुआ नाम सूर्यकुमार यादव का है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में गत विजेता इंग्लैंड को धूल चटाकर सूर्या ने दिखा दिया कि वे एक शानदार फिनिशर के साथ-साथ एक चतुर रणनीतिकार भी हैं। अपने पहले ही बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को फाइनल में ले जाकर उन्होंने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अब करोड़ों भारतीय फैंस को उम्मीद है कि रविवार को सूर्या की कप्तानी में भारत लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम करेगा।










