Surendranagar Road Accident : गुजरात सड़क हादसा, सुरेंद्रनगर में बस और टैंकर की टक्कर, चार यात्री जिंदा जले

गुजरात के सुरेंद्रनगर में एक ऐसी खौफनाक रात गुजरी जिसने सबको सन्न कर दिया। नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार बस और टैंकर की टक्कर के बाद देखते ही देखते आसमान में आग की लपटें उठने लगीं। क्या ड्राइवर की लापरवाही थी या किस्मत का खेल? जानिए उस भयावह मंजर की पूरी दास्तां।

Surendranagar Road Accident

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 14, 2026

Surendranagar Road Accident : गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ बुधवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक निजी लग्जरी बस और डामर (कोलतार) से लदे टैंकर के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर ने मौत का तांडव मचाया। इस दुर्घटना के बाद बस में लगी भीषण आग के कारण चार यात्रियों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि देखते ही देखते पूरी बस खाक हो गई। इस हादसे ने न केवल चार परिवारों की खुशियां छीन लीं, बल्कि 10 अन्य लोग भी इस आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।

हादसे का समय और स्थान: चोटिला-राजकोट राजमार्ग पर रात का सन्नाटा चीखों में बदला

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) एस. एस. भदौरिया ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह दर्दनाक हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ। दुर्घटना चोटिला-राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सांगानी गांव के पास घटित हुई। अहमदाबाद से राजकोट की ओर जा रही यह निजी लग्जरी बस काफी गति में थी। राजमार्ग पर आगे चल रहे डामर से भरे एक टैंकर से बस की भिड़ंत पीछे से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डामर के ज्वलनशील होने और बस के फ्यूल टैंक में रिसाव के कारण तुरंत भीषण आग लग गई। रात के अंधेरे में यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा राजमार्ग गूंज उठा।

बस में सवार थे 40 यात्री: अफरातफरी के बीच कई लोगों को निकाला गया बाहर

पुलिस प्रशासन के अनुसार, जिस समय यह दुर्घटना हुई, बस में कुल 40 यात्री सवार थे। अधिकतर यात्री नींद में थे, जिस कारण उन्हें संभलने या भागने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया। आग की तीव्रता इतनी तेज थी कि बस के दरवाजों और खिड़कियों से आग की लपटें बाहर निकलने लगी थीं। हालांकि, शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुँचे और साहस का परिचय देते हुए बस की खिड़कियां तोड़कर कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यदि समय रहते राहत कार्य शुरू नहीं होता, तो मृतकों का आंकड़ा और भी अधिक भयावह हो सकता था।

प्रशासनिक रिपोर्ट: घायलों का राजकोट सिविल अस्पताल में इलाज जारी

उपजिलाधिकारी एच. टी. मकवाना ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “निजी बस और टैंकर के बीच हुई इस भीषण टक्कर में चार यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलने से मृत्यु हो गई।” उन्होंने आगे बताया कि इस हादसे में झुलसे 10 लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। सभी घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से राजकोट के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है। वहीं, मृतकों के शवों को शिनाख्त और पोस्टमार्टम के लिए चोटिला के सरकारी अस्पताल भेजा गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुँचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

हादसे के बाद का मंजर: राजमार्ग पर घंटों बाधित रहा यातायात

इस भीषण सड़क हादसे के बाद चोटिला-राजकोट राजमार्ग पर कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस और टैंकर को सड़क के किनारे कराया ताकि वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सके। डामर के सड़क पर फैलने के कारण फिसलन की समस्या भी पैदा हो गई थी, जिसे साफ करने के लिए विशेष प्रयास किए गए। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह हादसा बस चालक की लापरवाही से हुआ या टैंकर की अचानक ब्रेक लगाने की वजह से। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए स्थानीय प्रशासन को पीड़ितों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।