Supreme Court: नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के सिलसिले को तुरंत रोकने और पुख्ता कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केवल कामचलाऊ या तात्कालिक उपायों पर निर्भर रहने से काम नहीं चलेगा, बल्कि एक स्थायी और मजबूत व्यवस्था का निर्माण करना होगा।
Delhi Protest: ‘आज रात CJP टीम को गिरफ्तार किया जाएगा’—अभिजीत दीपके के दावे से सियासी हलचल
सुप्रीम कोर्ट की बेंच के कड़े सवाल और निर्देश
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने केंद्र सरकार से मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर जवाब मांगा है:
ऑनलाइन मोड (CBT) और डेटा सुरक्षा: पूरी परीक्षा प्रक्रिया को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में बदलने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं? इसके अलावा संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रखने की क्या योजना है?
गवर्निंग बोर्ड और विशेषज्ञ इकाइयां: परीक्षा सुधारों के लिए प्रस्तावित गवर्निंग बोर्ड, विशेषज्ञों के नेतृत्व वाली इकाइयों और स्टेकहोल्डर के नामांकन की स्थिति क्या है?
हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशें: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, पारदर्शिता, प्रशासन और मानव संसाधन सहित कुल दस प्रमुख क्षेत्रों में उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को लागू करने की प्रगति क्या है?
वायुसेना की तैनाती पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने स्पष्ट किया कि प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायु सेना (Air Force) की तैनाती करना केवल एक तात्कालिक और कामचलाऊ उपाय (Stopgap Arrangement) था। यह किसी भी तरह से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं का कोई स्थायी या दीर्घकालिक समाधान नहीं हो सकता है। कोर्ट ने सरकार को यह चेताया कि इस प्रकार की व्यवस्थाओं से आगे काम नहीं चलेगा।
हलफनामा और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश
अदालत ने केंद्र और NTA को NEET-UG पेपर लीक के बाद सुधारों को लागू करने में हुई प्रगति पर एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट द्वारा मांगी गई मुख्य जानकारियों में ये शामिल हैं:
अतिरिक्त महानिदेशकों की भूमिका: सुरक्षा, निगरानी और सतर्कता के लिए हाल ही में नियुक्त किए गए अतिरिक्त महानिदेशकों (Additional Directors General) की क्या भूमिका है और इस दिशा में क्या प्रगति हुई है?
परीक्षा चक्र के चरण: परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद—इन तीनों चरणों में सुधारों को लेकर स्टेटस रिपोर्ट।
प्रशासनिक समन्वय: राज्य और जिला अधिकारियों के साथ मिलकर टेस्टिंग के तरीकों, बहु-सत्रीय परीक्षाओं, परीक्षा केंद्रों के चयन, प्रश्न पत्रों की छपाई (Printing) और उनके परिवहन (Transportation) पर क्या प्रगति हुई है?
डिजीयात्रा जैसी तकनीक: उम्मीदवारों के पुख्ता वेरिफिकेशन के लिए ‘डिजीयात्रा’ (DigiYatra) जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर सरकार के क्या प्रस्ताव हैं?
मामले की अगली सुनवाई और कोर्ट की कड़ी नजर
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत के समक्ष पूरी स्थिति, रोडमैप और नया हलफनामा दाखिल करने के लिए कुछ और समय की मांग की। कोर्ट ने उनके इस आश्वासन को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को आगामी सोमवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। “हम इस पर बारीकी से नजर रखेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सुधारों को संस्थागत रूप दिया जाए। हम पूरे साल इस पर नजर रखेंगे।”










