Supreme Court On Women Safety: ‘सिर्फ कानून बनाने से कुछ नहीं होगा’, महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट की समाज को कड़ी फटकार

सिर्फ कानून बनाने से महिलाओं को सुरक्षा नहीं मिलेगी। देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर अदालत ने समाज को आईना दिखाते हुए कहा है कि जब तक हम अपनी 'पितृसत्तात्मक सोच' नहीं बदलेंगे, तब तक सख्त कानून भी बेअसर रहेंगे।

Supreme Court On Women Safety

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 5, 2026

Supreme Court On Women Safety: देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कड़े कानून बनाए गए हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल कानून बना देने से महिलाओं के खिलाफ हिंसा खत्म नहीं होगी। अदालत का मानना है कि असली समस्या समाज की मानसिकता में है, जो आज भी महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने से पीछे हटती है।

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पत्नी की हत्या के मामले में टिप्पणी

यह टिप्पणी उस समय आई जब सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पत्नी को जिंदा जलाकर मारने वाले आरोपी शंकर की अपील को खारिज कर दी। निचली अदालत और हाईकोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी। अदालत ने कहा कि पीड़िता का मृत्यु से पहले दिया गया बयान दोषी को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त है। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक समाज की सोच नहीं बदलेगी, तब तक सबसे सख्त कानून भी बेअसर साबित होंगे।

संविधान और वास्तविकता का अंतर

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कहा कि भारतीय संविधान महिलाओं को गरिमा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि महिलाएं आज भी घर से लेकर कार्यस्थल तक असुरक्षित महसूस करती हैं। अदालत ने पितृसत्तात्मक सोच और महिलाओं को ‘वस्तु’ समझने की मानसिकता को अपराधों की जड़ बताया।

सामाजिक क्रांति की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानूनी लड़ाई के साथ-साथ समाज में एक ‘सामाजिक क्रांति’ की आवश्यकता है। शिक्षा और जागरूकता के जरिए नई पीढ़ी को यह सिखाना होगा कि महिलाओं का सम्मान कोई उपकार नहीं बल्कि उनका मौलिक अधिकार है।

समाधान की दिशा

अदालत ने जोर दिया कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं। समाज को अपनी सोच बदलनी होगी और महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना होगा। जब तक मानसिकता में बदलाव नहीं होगा, तब तक अपराधों पर अंकुश लगाना मुश्किल रहेगा।

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