Supreme Court में आज चुनाव आयोग द्वारा कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई संभव है।सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई होगी।चुनाव आयोग ने कई राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का फैसला किया।
West Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, चुनाव आयोग एक हफ्ते में बताए आखिर क्या है सच
SIR के खिलाफ याचिकाओं पर SC में अहम सुनवाई
इसके तहत पश्चिम बंगाल,यूपी,राजस्थान और केरल समेत कई राज्यों में मतदाता सूची के संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।चुनाव आयोग के इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज उच्चतम न्यायालय में आखिरी सुनवाई संभव है।इससे पहले सोमवार को पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। सर्वोच्च अदालत ने तृणमूल कांग्रेस के सांसदों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि,वह 15 जनवरी की समय-सीमा बढ़ाने की मांग पर अपना पक्ष रखे।
मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को तय
याचिकाओं में पश्चिम बंगाल में चल रहे एसआईआर के दौरान गंभीर प्रक्रियागत खामियों और अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा।हालांकि,सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को एक सप्ताह का समय दिया और निर्देश दिया कि दोनों याचिकाओं पर एक संयुक्त जवाब दाखिल किया जाए।अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को तय की है।
TMC सांसदों की याचिकाओं पर मांगा जवाब
इससे पहले 6 जनवरी को सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा था कि,उसे एसआईआर कराने का पूरा अधिकार है।आयोग ने यह भी कहा कि,कोई विदेशी वोटर लिस्ट में न रहे ये हमारी जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़ी चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों की याचिकाओं पर भारत निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है।
TMC की ओर से कपिल सिब्बल ने पेश की दलील
टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलील दी कि,पश्चिम बंगाल में एसआईआर से संबंधित निर्देश व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जारी किए जा रहे हैं,जिससे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) बिना किसी औपचारिक लिखित आदेश के कार्रवाई कर रहे हैं।










