सूर्य-शनि बनाएंगे षडाष्टक योग, मकर-कुंभ राशि वालों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और उनकी परस्पर स्थितियों का विशेष महत्व होता है. आज ग्रहों के राजा सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करने जा रहे हैं. वहीं, कर्मफल दाता शनिदेव इस समय मीन राशि में विराजमान हैं. सूर्य के सिंह राशि में आते ही शनि और सूर्य एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में स्थित हो जाएंगे, जिससे अत्यंत अशुभ माना जाने वाला षडाष्टक योग निर्मित होगा. वैदिक ज्योतिष में सूर्य और शनि को पिता-पुत्र माना गया है, लेकिन दोनों के बीच शत्रुता का भाव रहता है. षडाष्टक योग के प्रभाव से जीवन में तनाव, अचानक धन

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Published On :

अगस्त 17, 2026

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और उनकी परस्पर स्थितियों का विशेष महत्व होता है. आज ग्रहों के राजा सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करने जा रहे हैं. वहीं, कर्मफल दाता शनिदेव इस समय मीन राशि में विराजमान हैं. सूर्य के सिंह राशि में आते ही शनि और सूर्य एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में स्थित हो जाएंगे, जिससे अत्यंत अशुभ माना जाने वाला षडाष्टक योग निर्मित होगा.

वैदिक ज्योतिष में सूर्य और शनि को पिता-पुत्र माना गया है, लेकिन दोनों के बीच शत्रुता का भाव रहता है. षडाष्टक योग के प्रभाव से जीवन में तनाव, अचानक धन हानि, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बनते कार्यों में रुकावटें आती हैं. सूर्य-शनि की इस स्थिति के कारण मुख्यतः 2 राशियों को बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है.

मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं और सूर्य के साथ षडाष्टक योग बनने से इस राशि के जातकों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी. कार्यस्थल पर आपकी छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है. गुप्त शत्रु आपके खिलाफ षड्यंत्र रच सकते हैं, इसलिए अपने काम से काम रखें. शेयर बाजार या किसी भी जोखिम भरे क्षेत्र में निवेश करने से बचें. धन के लेन-देन में पूरी सावधानी बरतें. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें, दुर्घटना का योग बन सकता है. पारिवारिक मामलों में धैर्य से काम लें और वाणी पर नियंत्रण रखें.

कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य और शनि का यह षडाष्टक योग प्रतिकूल साबित हो सकता है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर सहकर्मियों और उच्च अधिकारियों के साथ मतभेद का सामना करना पड़ सकता है. व्यापार में कोई नया निवेश करने से बचें, अन्यथा नुकसान हो सकता है. अचानक अप्रत्याशित खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है. किसी को भी पैसा उधार देने से बचें. दांपत्य जीवन में छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ सकता है. मानसिक तनाव और आंखों या हड्डियों से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.

उपाय
सूर्य-शनि के इस अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए प्रतिदिन सूर्यदेव को जल में लाल चंदन मिलाकर अर्घ्य दें और शनिवार के दिन शनिदेव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाकर ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें.